Rohit-Virat Domestic Cricket : सिडनी वनडे में टीम इंडिया के दो दिग्गज — (Rohit Sharma and Virat Kohli) — ने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया जिसने आलोचकों को चुप करा दिया। रोहित ने जहां नाबाद 121 रन ठोके, वहीं विराट ने 74 रनों की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच 168 रनों की नाबाद साझेदारी ने भारत को 9 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई।
शुभमन गिल के बयान से उठी घरेलू क्रिकेट की संभावना
सीरीज के बाद भारतीय कप्तान (Shubman Gill Statement) ने संकेत दिए कि बीसीसीआई (BCCI) खिलाड़ियों की “मैच फिटनेस” को लेकर गंभीर है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा— “साउथ अफ्रीका सीरीज के बाद और न्यूजीलैंड सीरीज से पहले लंबा गैप है। ऐसे में चर्चा होगी कि खिलाड़ियों को लय में बनाए रखने के लिए क्या किया जाए।”
इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली घरेलू टूर्नामेंट (Domestic Cricket) खेल सकते हैं।
बीसीसीआई जल्द ले सकता है फैसला BCCI Decision
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड जल्द ही इस पर निर्णय ले सकता है कि सीनियर खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में भाग लेना चाहिए या नहीं। इस कदम का उद्देश्य उन्हें मैच प्रैक्टिस में बनाए रखना और युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभव साझा करने का मौका देना है।
यदि दोनों विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy 2025-26) में उतरते हैं, तो यह उनके फॉर्म को बनाए रखने के साथ-साथ आने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2027 (ODI World Cup 2027) के लिए भी संकेत माने जाएंगे।
क्यों जरूरी है घरेलू क्रिकेट में वापसी
ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले रोहित-विराट दोनों लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर थे। विशेषज्ञों का मानना है कि मैच प्रैक्टिस का अभाव ही शुरुआती मैचों में उनके संघर्ष का कारण था।
अब जब (Rohit-Virat Domestic Cricket) पर चर्चा जोरों पर है, तो क्रिकेट फैंस यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या दोनों विजय हजारे ट्रॉफी में मैदान पर उतरेंगे या नहीं।
विजय हजारे ट्रॉफी का शेड्यूल और संभावना
24 दिसंबर से शुरू होकर 18 जनवरी 2026 तक चलने वाली विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप मैच 8 जनवरी तक होंगे। ऐसे में रोहित और विराट के पास करीब सात वनडे मैच खेलने का मौका रहेगा। अगर वे खेलते हैं, तो ये न केवल उनके फॉर्म के लिए बल्कि देश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा साबित होगा।





