सीजी भास्कर, 27 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में आरटीओ ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी आम नागरिकों को डराने के लिए ट्रैफिक नियम तोड़ने के नाम पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं और नकली वेबसाइट के जरिए लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। इस पूरे मामले को आरटीओ ई-चालान धोखाधड़ी (RTO E-Challan Fraud) के रूप में चिन्हित किया गया है।
परिवहन विभाग के अनुसार ठग परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की हूबहू नकल कर क्लोन वेबसाइट तैयार कर रहे हैं। इन फर्जी वेबसाइटों के लिंक एसएमएस, व्हाट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। मैसेज में चालान न भरने पर लाइसेंस निलंबन या कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है, जिससे लोग घबरा कर लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ित से वाहन नंबर, मोबाइल नंबर, ओटीपी और बैंक से जुड़ी जानकारियां मांगी जाती हैं। जैसे ही जानकारी दर्ज की जाती है, खाते से पैसे गायब हो जाते हैं। कई मामलों में मोबाइल फोन में फर्जी ऐप या एपीके फाइल इंस्टॉल हो जाती है, जिससे साइबर अपराधियों को पूरा नियंत्रण मिल जाता है। यह तरीका आरटीओ ई-चालान धोखाधड़ी (RTO E-Challan Fraud) का सबसे खतरनाक पहलू माना जा रहा है।
परिवहन एवं यातायात विभाग ने नागरिकों को स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ई-चालान से संबंधित किसी भी जानकारी और भुगतान के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। वास्तविक ई-चालान देखने और भुगतान करने के लिए परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in ही सुरक्षित माध्यम है। इसके अलावा किसी भी लिंक, कॉल या निजी नंबर पर भरोसा न करें।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक ई-चालान की सूचना केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही भेजी जाती है और उसमें कभी भी किसी थर्ड-पार्टी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड करने के लिए नहीं कहा जाता। यदि कोई संदेश, कॉल या ऐप संदिग्ध लगे तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते डिजिटल लेन-देन के साथ आरटीओ ई-चालान धोखाधड़ी (RTO E-Challan Fraud) जैसे मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी तरह की ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैंक और निजी जानकारी हो रही चोरी
छत्तीसगढ़ में आरटीओ ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी परिवहन विभाग की नकली वेबसाइट और फर्जी लिंक भेजकर लोगों को डराते हैं और उनसे भुगतान करवा लेते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही बैंक और निजी जानकारी चोरी हो रही है। परिवहन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि ई-चालान की जानकारी और भुगतान के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक से दूर रहें। यह पूरा मामला आरटीओ ई-चालान धोखाधड़ी (RTO E-Challan Fraud) से जुड़ा है।





