सीजी भास्कर 22 अप्रैल I बदलते बस्तर की नई तस्वीर उस वक्त और साफ हो गई, जब भारत रत्न और क्रिकेट जगत के महानायक Sachin Tendulkar का आगमन जगदलपुर में हुआ। (Sachin Tendulkar arrives in Bastar)
यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि उस सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है, जहां कभी भय का माहौल था, वहां अब सपनों और अवसरों की नई रोशनी दिख रही है।
बस्तर में खेल क्रांति की शुरुआत
सचिन तेंदुलकर बच्चों के खेल भविष्य को संवारने के मिशन के साथ बस्तर पहुंचे हैं। उनके साथ उनकी बहू सानिया चंदोक, बेटी सारा तेंदुलकर और सचिन फाउंडेशन के सदस्य भी मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में सचिन ने बताया कि बस्तर के 50 स्कूल मैदानों को विकसित किया जाएगा, जिससे बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें।
‘मैदान कप’ से चमकेगी नई प्रतिभा
सचिन ने जानकारी दी कि ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता के माध्यम से हजारों बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा। इस पहल में मानदेशी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का सहयोग है।
करीब 5 हजार से अधिक बच्चों को इस अभियान से सीधा लाभ मिलेगा, जहां कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
बच्चों में दिखा जबरदस्त उत्साह : Sachin Tendulkar arrives in Bastar
सचिन के आगमन से स्थानीय बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
सचिन ने बच्चों के बल्लों पर ऑटोग्राफ दिए, जिसे पाकर उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। यह पल बच्चों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।
“अब बस्तर खेलों से बनेगा पहचान”
जो बस्तर कभी नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, वही अब खेल और विकास की नई पहचान बना रहा है।
सचिन का यह दौरा एक मजबूत संदेश देता है कि अब बस्तर की पहचान बंदूक नहीं, बल्कि बल्ले और मेडल से होगी। (Sachin Tendulkar arrives in Bastar)


