सीजी भास्कर, 22 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। भारतीय क्रिकेट के महानायक और भारत रत्न (Legend in Bastar) सचिन तेंदुलकर आज विमान से जगदलपुर पहुंचे। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर उनके कदम रखते ही वहां मौजूद अधिकारियों और प्रशंसकों के चेहरे खिल उठे। बस्तर की पारंपरिक आतिथ्य सत्कार की परंपरा के अनुरूप मास्टर ब्लास्टर का बेहद आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया।
आला अधिकारियों ने की अगवानी
सचिन तेंदुलकर के आगमन की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जैसे ही क्रिकेट के (Legend in Bastar) विमान से बाहर आए, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह और आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उनके साथ कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, एसडीएम ऋषिकेश तिवारी और विपिन दुबे सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बस्तर की पावन धरा पर उनका स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया।
प्रशंसकों में दिखा भारी उत्साह
सचिन तेंदुलकर की एक झलक पाने के लिए एयरपोर्ट के बाहर उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ जमा थी। क्रिकेट के इस ( Sachin Tendulkar in Bastar) ने भी हाथ हिलाकर सबका अभिवादन स्वीकार किया। अपनी सादगी और सौम्य व्यवहार के लिए मशहूर सचिन ने अधिकारियों से संक्षिप्त चर्चा की और बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की। यह पहली बार है जब क्रिकेट जगत की इतनी बड़ी हस्ती बस्तर के प्रवास पर आई है।
दौरे का महत्व और सुरक्षा व्यवस्था
सचिन तेंदुलकर का यह दौरा बस्तर की बदलती तस्वीर को वैश्विक पटल पर रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खेल प्रेमियों के लिए (Sachin Tendulkar in Bastar) का यहां आना किसी सपने के सच होने जैसा है। सुरक्षा के लिहाज से एयरपोर्ट से लेकर उनके रुकने के स्थान तक चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनके पूरे प्रवास के दौरान बस्तर की संस्कृति और कला का प्रदर्शन उनके समक्ष बेहतर ढंग से हो सके।
खेल और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
जानकारों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर जैसे ( Sachin Tendulkar in Bastar) के आगमन से बस्तर में पर्यटन और खेलों के प्रति युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। उनका यह दौरा न केवल बस्तर की सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने पेश करेगा, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। 22 अप्रैल 2026 की यह तारीख जगदलपुर की यादों में हमेशा के लिए सुरक्षित हो गई है।


