सीजी भास्कर,14 जुलाई : सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने ई-गवर्नेंस को संवेदनशीलता से जोड़ते हुए एक ऐसी पहल की, जिसने प्रशासन की मानवीय कार्यशैली की मिसाल पेश कर दी। 5 वर्ष से अधिक उम्र होने के बावजूद आधार कार्ड से वंचित एक मासूम के घर स्वयं प्रशासनिक टीम पहुंची और मौके पर ही उसका आधार नामांकन कर दिया। इस पहल से अब बच्चे के लिए सरकारी योजनाओं, शिक्षा और अन्य सुविधाओं का रास्ता खुल गया है।
कठिन परिस्थितियों में फंसा था परिवार
प्रशासन के अनुसार विशेष आधार नामांकन अभियान के दौरान ऐसे बच्चे की पहचान हुई, जिसका अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाया था। बच्चे की मां मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जबकि पिता काफी पहले परिवार छोड़ चुके हैं। परिजन बच्चे को लेकर बिलाईगढ़, भटगांव, सरसीवा और सारंगढ़ के कई आधार केंद्रों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण आधार नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
कलेक्टर के निर्देश पर घर पहुंची टीम
मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद ई-जिला प्रबंधक (EDM) की टीम और आधार ऑपरेटर आवश्यक बायोमेट्रिक उपकरणों के साथ सीधे बच्चे के घर पहुंचे। टीम ने बिना किसी शुल्क के घर पर ही आधार नामांकन की पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर दी।
अब सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
आधार कार्ड बनने के बाद अब बच्चे के लिए शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन का कहना है कि ई-गवर्नेंस का उद्देश्य केवल तकनीक का उपयोग नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना है।
परिजनों ने जताया आभार
आवेदनकर्ता सुमत राम बंजारे और सुमित्रा कुमारी घृतलहरे ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब सभी प्रयास विफल हो गए थे, तब प्रशासन स्वयं उनके घर पहुंचा और बच्चे का आधार कार्ड बनवाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि उनके बच्चे के सुरक्षित भविष्य की पहचान है। जिला प्रशासन का कहना है कि आगे भी ऐसे जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए इसी तरह संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।



