सरगुजा में स्थानीय बोली को लेकर भेदभाव का मामला सामने आने के बाद एक बच्चे को दूसरे स्कूल में मुफ्त प्रवेश मिल गया है। प्री-प्राइमरी स्कूल में एडमिशन से इनकार किए जाने पर मामला प्रशासन तक पहुंचा, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
भाषा के आधार पर एडमिशन से इनकार का आरोप
जानकारी के अनुसार, एक अभिभावक अपने चार वर्षीय बेटे का एडमिशन कराने प्री-प्राइमरी स्कूल पहुंचे थे। बातचीत के दौरान बच्चे ने सरगुजिहा बोली में जवाब दिया, जिसके बाद स्कूल द्वारा एडमिशन देने से इनकार करने का आरोप लगा। परिजनों का कहना है कि स्कूल ने यह कहते हुए प्रवेश नहीं दिया कि अन्य बच्चे उसकी भाषा सीख जाएंगे।
प्रशासन सख्त, स्कूल को नोटिस जारी
मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद जांच के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा है। मामले में जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने भी कार्रवाई की मांग उठाई है।
दूसरे स्कूल ने बढ़ाया हाथ, मिला मुफ्त प्रवेश
विवाद सामने आने के बाद एक अन्य स्कूल ने बच्चे को मुफ्त में एडमिशन दे दिया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शिक्षा में भाषा के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है। इस कदम से बच्चे को पढ़ाई का अवसर मिलने के साथ-साथ हिंदी सीखने का भी मौका मिलेगा।


