सीजी भास्कर, 18 मई। देश में मोबाइल नेटवर्क को लेकर जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल (Satellite Connectivity) सकता है। जिन इलाकों में आज तक लोग नेटवर्क नहीं मिलने की परेशानी झेलते रहे, वहां अब सीधे आसमान से कनेक्टिविटी पहुंचाने की तैयारी चल रही है। सरकार की नई योजना को लेकर तकनीकी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच भी उम्मीद बढ़ने लगी है।
पहाड़ी क्षेत्रों, घने जंगलों और सीमावर्ती इलाकों में अक्सर मोबाइल नेटवर्क बड़ी समस्या बना रहता है। कई बार आपात स्थिति में भी संपर्क नहीं हो पाता। अब नई तकनीक के जरिए बिना मोबाइल टावर के भी स्मार्टफोन को नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
बिना टावर सीधे सैटेलाइट से जुड़ेगा मोबाइल : Satellite Connectivity
सरकार डायरेक्ट टू डिवाइस तकनीक पर तेजी से काम कर रही है। इस तकनीक के जरिए स्मार्टफोन सीधे लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकेंगे। इससे उन इलाकों में भी संपर्क संभव हो सकेगा जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल माना जाता है।
क्या है डायरेक्ट टू डिवाइस तकनीक
यह ऐसी आधुनिक व्यवस्था है जिसमें मोबाइल फोन और स्मार्ट उपकरण बिना अतिरिक्त हार्डवेयर के सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल आपदा, इमरजेंसी और लोकेशन शेयरिंग जैसी स्थितियों में काफी मददगार माना जा रहा है।
बड़ी कंपनियों ने उठाए कुछ सवाल
जानकारी के मुताबिक कुछ तकनीकी कंपनियों ने इस व्यवस्था को लेकर अपनी राय भी रखी है। बैटरी खपत, एंटीना क्षमता और मौजूदा नेटवर्क के साथ तालमेल जैसे मुद्दों को लेकर सुझाव दिए गए हैं ताकि सेवा शुरू होने पर किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न हो।
दूरदराज इलाकों को मिलेगा फायदा
भारत के कई पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में आज भी मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह उपलब्ध (Satellite Connectivity) नहीं है। ऐसे इलाकों में टावर लगाना महंगा और मुश्किल माना जाता है। नई तकनीक के जरिए इन क्षेत्रों में भी बेहतर संपर्क सुविधा पहुंचाई जा सकेगी।
नियम बनने के बाद शुरू हो सकती है सेवा
सरकार फिलहाल इस तकनीक के लिए जरूरी नियम और ढांचा तैयार कर रही है। कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ चर्चा जारी है। नियमों पर सहमति बनने के बाद देश में सैटेलाइट आधारित मोबाइल कनेक्टिविटी का नया दौर शुरू हो सकता है।



