सीजी भास्कर, 20 मई। नए शिक्षा सत्र से पहले प्रदेशभर में सरकारी स्कूलों की फीस को लेकर चर्चा (School Fees) तेज हो गई है। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अब बढ़े हुए शुल्क को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं। कई जगह स्कूलों के बाहर और शिक्षा विभाग के दफ्तरों में भी इसी फैसले को लेकर बातचीत होती रही। बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त फीस का बोझ परिवारों की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक इस बदलाव की खबर पहुंचने के बाद विद्यार्थियों और पालकों में अलग अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्कूल प्रबंधन भी नए शुल्क ढांचे के अनुसार तैयारी में जुट गए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि शैक्षणिक गतिविधियों और जरूरी संसाधनों की बढ़ती लागत के कारण यह बदलाव किया गया है।

कई मदों में बढ़ाया गया शुल्क : School Fees
स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र से संशोधित शुल्क लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब अलग अलग मदों की फीस में बढ़ोतरी की गई है।
एक्टिविटी फीस को 50 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये कर दिया गया है। गरीब छात्र सहायता कोष की राशि 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दी गई है। वहीं साइंस क्लब फीस 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये तय की गई है।
खेलकूद और प्रयोगशाला शुल्क में भी बदलाव
स्काउट गाइड फंड को 50 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये किया गया है। खेलकूद फीस भी अब 50 रुपये की जगह 65 रुपये देनी होगी। इसी तरह साइंस प्रैक्टिकल फीस में भी बढ़ोतरी करते हुए इसे 65 रुपये कर दिया गया है। हायर सेकेंडरी स्तर पर एक्टिविटी फीस 50 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये निर्धारित (School Fees) की गई है। हालांकि रेडक्रॉस फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह 30 रुपये ही रहेगी।
44 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों पर असर
प्रदेश में करीब 56 हजार स्कूल संचालित हो रहे हैं जहां लगभग 56 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 44 लाख से ज्यादा छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। ऐसे में फीस बढ़ोतरी का असर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बढ़ी हुई फीस से स्कूलों को शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य व्यवस्थाओं के संचालन में मदद (School Fees) मिलेगी। वहीं कई अभिभावकों का मानना है कि पहले से बढ़ते खर्च के बीच यह फैसला अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ाने वाला है।



