SECR Train Cancelled News : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के यात्रियों के लिए रेलवे का प्रबंधन पहेली बन गया है। जिन 14 ट्रेनों को एक दिन पहले ही ‘री-स्टोर’ (बहाल) कर राहत दी गई थी, उनमें से 10 ट्रेनों को अचानक दोबारा 11 से 18 अप्रैल तक रद्द कर दिया गया है। रेलवे के इस अनिश्चित फैसले ने उन हजारों यात्रियों की प्लानिंग पर पानी फेर दिया है, जिन्होंने बहाली की खबर सुनकर टिकट बुक कराई थी।
क्यों लिया गया दोबारा ब्लॉक?
रेलवे प्रशासन के अनुसार, बिलासपुर-झारसुगड़ा सेक्शन के बीच चौथी रेलवे लाइन को अकलतरा स्टेशन के यार्ड से जोड़ने (नॉन-इंटरलॉकिंग) का काम अभी शेष है। इसी तकनीकी कार्य को पूरा करने के लिए 8 दिनों का इमरजेंसी ब्लॉक लिया गया है।
प्रभावित रूट:
- बिलासपुर से रायगढ़
- बिलासपुर से गेवरा रोड
- कोरबा से रायपुर
हसदेव और अन्य ट्रेनों का बदला स्वरूप
इस ब्लॉक के दौरान कुल 14 ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं, जिनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है:
- हसदेव एक्सप्रेस (18250/18249): यह ट्रेन कोरबा से बिलासपुर के बीच पैसेंजर बनकर चलेगी (सभी छोटे स्टेशनों पर रुकेगी), जबकि बिलासपुर से रायपुर के बीच अपने निर्धारित एक्सप्रेस स्वरूप में दौड़ेगी।
- गोंदिया-झारसुगड़ा पैसेंजर: इस ट्रेन को पूर्ण रूप से चलाने के बजाय आंशिक रूप से (Short-Terminate) संचालित किया जाएगा।
- मेमू और लोकल: बिलासपुर-रायगढ़ और बिलासपुर-गेवरा रोड के बीच चलने वाली अधिकांश लोकल मेमू ट्रेनें 18 अप्रैल तक पूरी तरह बंद रहेंगी।
यात्रियों में भारी आक्रोश
रेलवे के इस ‘ऑन-ऑफ’ फैसले से सबसे ज्यादा नाराज दैनिक यात्री (Daily Passengers) और कामकाजी लोग हैं। यात्रियों का कहना है कि जब काम पूरा नहीं हुआ था, तो ट्रेनों को बहाल करने की घोषणा क्यों की गई? अचानक ट्रेनें रद्द होने से बस स्टैंड्स पर भीड़ बढ़ गई है और निजी वाहन संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
रेलवे की सफाई
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चौथी लाइन का काम अंतिम चरण में है और सुरक्षा की दृष्टि से ब्लॉक लेना अनिवार्य है। 18 अप्रैल के बाद परिचालन पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन निकलने से पहले 139 पर कॉल कर अपनी ट्रेन की स्थिति जान लें।


