सीजी भास्कर, 2 अगस्त : बेमेतरा दौरे पर पहुंचे शंकराचार्य (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने विभिन्न समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब डबल इंजन सरकार नहीं, बल्कि ऐसी बोगी बन गया है, जिसे केंद्र सरकार चला रही है। उनके अनुसार प्रदेश का नेतृत्व स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की स्थिति में नहीं है।
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… तो आंदोलन नहीं होता Shankaracharya Avimukteshwaranand
शंकराचार्य (Shankaracharya) ने जंतर-मंतर पर हुए कथित Gen-Z आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार की विफलता का परिणाम है। उनका कहना था कि यदि पेपर लीक जैसे मामलों में समय पर सख्त कार्रवाई की जाती, तो युवाओं में इतना आक्रोश नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को डराकर शासन चला रही है और ऐसी व्यवस्था को उन्होंने “रावण राज” की संज्ञा दी।
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कंगना रनौत के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने कहा कि उन पर किसी का नियंत्रण नहीं है और वह अपनी इच्छा के अनुसार बयान देती हैं। उन्होंने इस विषय पर इससे अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
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छत्तीसगढ़ सरकार पर साधा निशाना
शंकराचार्य (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार अब “डबल इंजन” वाली सरकार नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार केंद्र के निर्देशों पर काम कर रही है और राज्य स्तर पर स्वतंत्र निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।
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धर्मांतरण और आदिवासी अधिकारों पर जताई चिंता
धर्मांतरण (Religious Conversion) और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सांस्कृतिक बदलाव चिंता का विषय है। उनके अनुसार पारंपरिक भारतीय संस्कृति धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।
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उन्होंने कहा कि संत समाज का दायित्व केवल धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ समाज की आवाज उठाना भी उसकी जिम्मेदारी है। जंगल, जमीन और स्थानीय संसाधनों पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी संत समाज को आगे आना चाहिए।
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