सीजी भास्कर, 03 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में नवंबर के आखिरी हफ्ते में हुई पूर्व प्रधान रोशन अली और उनकी पत्नी वसीला की दर्दनाक हत्या (Shravasti Murder Case) ने पूरे इलाके को दहला दिया था। दो दिन के अंतराल में हुए इस दोहरे हत्याकांड में अब पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे कोई बाहरी शख्स नहीं, बल्कि दंपती के ही तीन सौतेले बेटे और एक वकील शामिल थे, जिन्होंने मिलकर यह पूरी साजिश रची थी।
खावा पोखर गांव में 22 और 23 नवंबर को हुए इस जुर्म ने उस समय सनसनी फैला दी थी, जब रोशन अली का शव उनके घर के बाहर खून से लथपथ मिला और कुछ दूरी पर झाड़ियों में उनकी पत्नी का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे और रिपोर्ट में साफ हुआ कि दोनों की हत्या गला दबाकर की गई थी।
हत्या की पटकथा—वकील ने रचा षड्यंत्र, बेटों ने दी अंजाम
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने मृतका के तीन बेटों नसीब, हबीब और मुसीबत के साथ ही एक वकील प्रभाकर त्रिपाठी उर्फ रिंकू को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान सच धीरे-धीरे खुलता गया और आखिर में पूरा हत्याकांड (Shravasti Murder Case) एक जमीन विवाद का परिणाम साबित हुआ।
एडवोकेट प्रभाकर त्रिपाठी ने कथित तौर पर पूर्व प्रधान की जमीन अवैध रूप से कब्जा कर बेच दी थी। इस विवाद के चलते मामला गरमाया और पुलिस के अनुसार, प्रभाकर ने तीनों बेटों के साथ मिलकर दंपती को रास्ते से हटाने की पूरी साजिश रची। तीनों बेटों ने इस षड्यंत्र में साथ दिया और पुलिस के अनुसार, योजनाबद्ध तरीके से दोनों की हत्या कर दी।
जांच पूरी, चारों आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने साजिश का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की वजह वर्षों पुराना विवाद था, जिसे खत्म करने के लिए आरोपियों ने यह क्रूर रास्ता चुना। मामले के खुलासे के बाद पुलिस (Shravasti Murder Case) ने तीनों सौतेले बेटों और वकील प्रभाकर त्रिपाठी को जेल भेज दिया है।
यह घटना न सिर्फ परिवारिक विवादों की भयावह परिणति को दर्शाती है, बल्कि जमीन के झगड़ों में किस तरह जिंदगियां तबाह हो जाती हैं, इसका भी कड़वा सच सामने लाती है।
हत्या का कारण:
जमीन कब्जे और बिक्री के पुराने विवाद से भड़का संघर्ष, वकील ने रची साजिश।
गांव में दहशत:
दो दिन में मिले दो शवों से खावा पोखर गांव में फैली दहशत—अब जांच पूरी, सभी आरोपी जेल में।





