सीजी भास्कर 20 जनवरी SIR Voter Name Update : छत्तीसगढ़ में चल रही SIR यानी मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, संशोधन कराने और दावा-आपत्ति दर्ज करने के लिए अब सिर्फ तीन दिन का वक्त बचा है। तय समय सीमा के बाद जिनके नाम सूची में नहीं होंगे, उन्हें आगे चलकर ज्यादा जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
पहली सूची में 27.40 लाख नाम हटे
SIR की पहली सूची सामने आने के बाद साफ हुआ कि प्रदेश में कुल 27.40 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें करीब साढ़े छह लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। शेष नामों को लेकर आयोग ने नागरिकों को दावा-आपत्ति का अवसर दिया है।
सिर्फ 1.43 लाख लोगों ने किया आवेदन
हटाए गए करीब 19 लाख नामों में से अब तक केवल 1.43 लाख लोगों ने दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। यह आंकड़ा प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग अब भी प्रक्रिया से बाहर हैं। आयोग का कहना है कि समय रहते आवेदन नहीं करने वालों को आगे परेशानी उठानी पड़ सकती है।
22 जनवरी तक ही मौका
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 22 जनवरी तक ही नाम जोड़ने और दावा-आपत्ति स्वीकार की जाएगी। इसके बाद 22 जनवरी से 21 फरवरी तक विशेष सत्यापन अभियान चलेगा, जिसमें दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। तय तारीख निकलने के बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
6.40 लाख मतदाता रडार से बाहर
SIR के दौरान करीब 6.40 लाख मतदाता ‘नो-मैपिंग’ श्रेणी में आए हैं। यानी बीएलओ इन मतदाताओं तक भौतिक रूप से नहीं पहुंच पाए। वजह—घर बंद होना, पता नहीं मिलना या लंबे समय से निवास न होना। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
एसडीएम के सामने पेश करने होंगे कागज
नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को निर्धारित समय में एसडीएम के सामने उपस्थित होकर 13 मान्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ईआरओ यह तय करेंगे कि नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाए या नहीं। असंतुष्ट होने पर जिला कलेक्टर के पास अपील का विकल्प भी खुला है।
अगली बार और मुश्किल होगी राह
फिलहाल सत्यापन के लिए 2003 के SIR रिकॉर्ड को आधार माना जा रहा है। जिन लोगों का नाम उस सूची में नहीं है, उनसे रिश्तेदारों का संदर्भ मांगा जा रहा है। अगर वह भी उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें अलग श्रेणी में रखकर नोटिस दिया गया है। अधिकारी मानते हैं कि जो लोग अभी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उन्हें अगले SIR में और ज्यादा दस्तावेजी जटिलताओं का सामना करना पड़ेगा।




