सीजी भास्कर, 09 जुलाई। राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा के केंद्र (Sonam Raghuvanshi) में है। अदालत की अगली सुनवाई को लेकर लोगों के बीच तरह तरह की बातें चल रही हैं। इस मामले से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी पर नजर रखी जा रही है और अब सबकी निगाहें अगले फैसले की दिशा पर टिक गई हैं।
सुनवाई से पहले अदालत में दाखिल दस्तावेजों ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। आरोपी सोनम रघुवंशी ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपना पक्ष रखा है, जबकि दूसरी ओर मेघालय सरकार उसकी जमानत को चुनौती दे रही है। इसी वजह से पूरे मामले में कानूनी हलचल लगातार बनी हुई है।
जमानत पर अगली सुनवाई मंगलवार को Sonam Raghuvanshi
व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर अब मंगलवार 14 जुलाई को सुनवाई होगी। फिलहाल अदालत ने उसकी जमानत रद्द नहीं की है और वह पहले की तरह बरकरार रहेगी। अदालत ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी के समय दिए गए अरेस्ट मेमो और उससे जुड़े अन्य दस्तावेजों की प्रतियां पेश करने के लिए कहा है।
अदालत में खुद को बताया बेगुनाह
सोनम रघुवंशी ने अपने हलफनामे में कहा है कि वह इस मामले में निर्दोष है और उसे झूठे तरीके से फंसाया गया है। उसका कहना है कि अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका से किया इनकार
हलफनामे में यह भी कहा गया है कि उससे कोई बरामदगी बाकी (Sonam Raghuvanshi) नहीं है। अदालत की ओर से तय की गई शर्तों का वह पालन कर रही है और शिलांग में रह रही है। मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है, इसलिए उसके द्वारा किसी सबूत से छेड़छाड़ किए जाने की संभावना नहीं है।
पिछली सुनवाई में क्या रखी गई थी दलील
पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कहा गया था कि एक टाइपिंग गलती के कारण जमानत मिल गई। दलील दी गई कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 की जगह गलती से धारा 403 दर्ज हो गई थी और उसी आधार पर राहत मिली। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की पीठ कर रही है।



