सीजी भास्कर, 14 जनवरी | भानुप्रतापपुर के समीप केवटी स्थित सशस्त्र सीमा बल की 33वीं बटालियन में SSB Lohri Celebration पूरे पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। आदिवासी अंचल में तैनात जवानों और अधिकारियों ने सुरक्षा शिविर परिसर में अलाव जलाकर लोहड़ी पर्व की शुरुआत की और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
अलाव के चारों ओर दिखा भाईचारा
कार्यक्रम के दौरान अधिकारी और जवान अलाव के चारों ओर एकत्र हुए। पारंपरिक गीतों और लोकधुनों के साथ वातावरण में उत्साह घुल गया। सीमावर्ती और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनाती के बावजूद जवानों ने पर्व को सादगी और आत्मीयता के साथ मनाया, जिससे आपसी सौहार्द और टीम भावना और मजबूत हुई।
कठिन ड्यूटी के बीच संस्कृति से जुड़ाव
लोहड़ी आयोजन ने यह संदेश दिया कि कठिन ड्यूटी और सीमित संसाधनों के बीच भी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा जा सकता है। जवानों ने बताया कि ऐसे आयोजन मानसिक तनाव कम करने के साथ-साथ मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे ड्यूटी के प्रति ऊर्जा और समर्पण बना रहता है।
तस्वीरों में कैद हुआ उत्साह
आयोजन की तस्वीरों में अधिकारी और जवान पारंपरिक अंदाज़ में नृत्य करते नजर आए। सामूहिक सहभागिता और मुस्कुराते चेहरे यह दर्शाते हैं कि यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि बल के भीतर एकता और विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। ऐसे आयोजन (Force Morale Activities) जवानों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए रखते हैं।





