सीजी भास्कर, 05 फरवरी | Sub-Registrar Office Expansion : छत्तीसगढ़ में भूमि और संपत्ति से जुड़े पंजीयन कार्य अब और आसान होने वाले हैं। राज्य सरकार ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन जिलों में चार नए उप पंजीयक कार्यालय खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के बाद रजिस्ट्री से जुड़ी सेवाएं जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।
किन क्षेत्रों को मिलेगा नया कार्यालय
रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 के तहत जिन स्थानों पर नए उप पंजीयक कार्यालय स्वीकृत किए गए हैं, उनमें धमतरी जिले का भखारा, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का लवन तहसील मुख्यालय, और बिलासपुर जिले के सकरी व राजकिशोर नगर शामिल हैं। इन इलाकों में लंबे समय से पंजीयन कार्यालय की मांग की जा रही थी।
लोगों का समय, पैसा और मेहनत बचेगी
अब तक छोटे-छोटे पंजीयन कार्यों के लिए लोगों को जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता था, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ता था। नए कार्यालय खुलने से न केवल यह परेशानी कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी हो सकेगी।
प्रशासन को जनता के करीब लाने की पहल
सरकार के अनुसार यह फैसला सुशासन की दिशा में उठाया गया कदम है। सेवाओं को विकेंद्रीकृत कर नागरिकों को उनके नजदीकी क्षेत्र में सुविधा देना इसका मुख्य उद्देश्य है। इससे जिला मुख्यालयों में स्थित पंजीयन कार्यालयों पर भीड़ का दबाव भी कम होगा।
हाई-टेक सुविधाएं भी होंगी उपलब्ध
इन नए उप पंजीयक कार्यालयों में पंजीयन विभाग की आधुनिक सेवाएं भी लागू की जाएंगी। इसमें घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा, ऑटो डीड जनरेशन, रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और ऑनलाइन सर्च सिस्टम शामिल है।
व्हाट्सएप से डिजीलॉकर तक सुविधा
डिजिटल व्यवस्था के तहत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप आधारित सूचना सेवाएं और डिजीलॉकर इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं भी नागरिकों को मिलेंगी। इससे दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी और पंजीयन प्रक्रिया में धोखाधड़ी की संभावनाएं भी न्यूनतम होंगी।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में आएगी गति
सरकार का मानना है कि नए कार्यालय खुलने से रजिस्ट्री से जुड़े लंबित मामलों में तेजी आएगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा, क्योंकि संपत्ति से जुड़े काम अब कम समय में पूरे हो सकेंगे।




