सीजी भास्कर, 1 जुलाई। सूरजपुर जिले के कोट गांव में एक दिव्यांग पिता (Disabled Father) ने अपने 20 वर्षीय बेटे की संदिग्ध मौत को हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या बताया है। सूरजपुर डेथ केस (Surajpur Death Case) में पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि बेटे की हत्या के बाद घटना को बिजली का करंट लगने से हुई दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।
मारपीट कर जबरन बाइक पर ले जाने का आरोप
पीड़ित अमरसाय के अनुसार, 22 जून 2026 की रात उनका बेटा भीम सिंह घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान गांव के तीन लोग वहां पहुंचे और कथित रूप से उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद युवक को जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले जाया गया। सूरजपुर डेथ केस (Surajpur Death Case) में पिता का दावा है कि इसके बाद उनके बेटे को दोबारा जीवित नहीं देखा गया।
हत्या के बाद हादसे का रूप देने का आरोप
अमरसाय का आरोप है कि आरोपियों ने भीम सिंह को अपने घर ले जाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पूरे मामले को छिपाने के लिए मौत को बिजली का करंट लगने से हुई दुर्घटना बताने की कोशिश की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने 25 जून को थाना सूरजपुर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए मामला दर्ज नहीं किया। उनका आरोप है कि कई बार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई। सूरजपुर डेथ केस (Surajpur Death Case) को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
एसपी से निष्पक्ष जांच और हत्या का केस दर्ज करने की मांग
पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में अमरसाय ने उल्लेख किया है कि घटना की जानकारी गांव के कई लोगों को है, इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने तथा उन्हें कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। अब सूरजपुर डेथ केस (Surajpur Death Case) में पुलिस अधीक्षक के स्तर पर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।



