सीजी भास्कर 4 मई I छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में श्रीराम केयर अस्पताल में कॉन्स्टेबल की मौत के मामले में अब मजिस्ट्रियल जांच होगी। परिजनों के विरोध-प्रदर्शन और हंगामे के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। (Suspicious death of constable)
सिम्स अस्पताल के चार डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। अब प्रशासन और परिजन दोनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
इलाज में लापरवाही बनाम हार्ट अटैक का दावा : Suspicious death of constable
इस मामले में परिजनों का कहना है कि पथरी के इलाज में लापरवाही हुई, जबकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि कॉन्स्टेबल की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
पेट दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे, ऑपरेशन की सलाह
मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम एरमशाही निवासी सत्यकुमार पाटले (36) पुलिस विभाग में आरक्षक थे और उनकी पोस्टिंग सरकंडा थाने में थी। 26 अप्रैल को उनके पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद वे इलाज के लिए नेहरू नगर स्थित अस्पताल पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने पथरी की समस्या बताई और ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, परिजनों का आरोप
परिजनों के अनुसार बिना चीरा लगाए ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के अगले दिन तक हालत सामान्य थी, लेकिन शाम को अचानक तबीयत बिगड़ गई। आरोप है कि करीब चार घंटे तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर देखने नहीं आया, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका और शुक्रवार दोपहर उनकी मौत हो गई।
हंगामा और FIR की मांग
घटना के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा किया, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अधिकारी पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करने की मांग की और कहा कि समय पर दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जाता तो जान बच सकती थी।
मजिस्ट्रियल जांच शुरू, डॉक्टरों की भूमिका पर जांच
प्रशासन ने मामले को संदेहास्पद मानते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार आकाश गुप्ता मौके पर पहुंचे और अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की। जांच में इस बात पर फोकस किया जा रहा है कि मरीज की हालत बिगड़ने के समय कौन से डॉक्टर ड्यूटी पर थे और क्या उपचार किया गया। (Suspicious death of constable)
चार सदस्यीय टीम ने किया पोस्टमार्टम
पहले जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने की योजना थी, लेकिन चार डॉक्टरों की टीम न बनने के कारण मामला अटक गया। इसके बाद सिम्स में अधीक्षक लखन सिंह के नेतृत्व में चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई, जिसने शाम करीब 5 बजे पोस्टमार्टम किया।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
परिजन और प्रशासन दोनों को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत की वजह चिकित्सकीय लापरवाही थी या हार्ट अटैक।


