सीजी भास्कर, 15 जनवरी। राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राज्य योजना (Sweet Revolution) के अंतर्गत मधुमक्खी पालन योजना प्रदेश के किसानों के लिए आय का नया मार्ग खोल रही है। यह योजना कम लागत में अधिक लाभ देने वाला वैकल्पिक व्यवसाय बनकर उभरी है। किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा खेती के साथ मधुमक्खी पालन करने को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह व्यवसाय गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन गया है।
कृषक ही नहीं, युवा और महिलाएं भी इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अतिरिक्त आय कमा रहे हैं और आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इसी प्रयास को साकार रूप देते हुए (Sweet Revolution) योजना प्रदेश में ग्रामीण आर्थिक संरचना में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
कम श्रम, सरल प्रक्रिया, महिलाओं और युवाओं के लिए आसान
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के लघु, सीमांत और भूमिहीन किसान भी इस व्यवसाय को बिना अतिरिक्त भूमि के प्रारंभ कर सकते हैं। 5 से 10 मधुमक्खी बक्सों से भी यह कार्य सफलतापूर्वक किया जा सकता है। कम श्रम और सरल प्रक्रिया के कारण महिला और बेरोजगार युवा भी आसानी से मधुमक्खी पालन अपना सकते हैं। शासन द्वारा मधुमक्खी बक्सों पर दिया जा रहा अनुदान इस व्यवसाय को और सुलभ बना रहा है। इस पहल को उजागर करते हुए (Sweet Revolution) स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर प्रदान कर रही है।
हिग्राहियों को अनुदान
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को मधुमक्खी पेटी (बी बॉक्स) मय कॉलोनी हेतु 4000 रुपए की इकाई लागत पर 1600 रुपए का अनुदान दिया जाता है। मधुमक्खी छाता हेतु 2000 रुपए की लागत पर 800 रुपए और मधु निकासन यंत्र पर 20 हजार रुपए की लागत पर 8 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। राज्य योजना अंतर्गत मधुमक्खी के छाते और मधुमक्खी पेटिका पर प्रति नग लागत राशि 2000 रुपए पर 50 प्रतिशत अथवा 1000 रुपए, जो भी कम हो, दिया जाता है। इस अनुदान और प्रोत्साहन से (Sweet Revolution) किसानों के लिए और भी सुलभ बन रही है।
2382 किसान अनुदान से लाभान्वित
अधिकारी बताते हैं कि योजनांतर्गत मधुमक्खी पालन करने वाले कृषक न्यूनतम 5-5 नग और अधिकतम 50-50 नग मधुमक्खी के छाते एवं पेटिका हेतु पात्र होंगे। केंद्र एवं राज्य योजनाओं के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 2382 किसानों को अनुदान प्रदान करके लाभान्वित किया गया है। इसी प्रयास के तहत (Sweet Revolution) किसानों के लिए स्थायी और लाभकारी स्वरोजगार के अवसर सृजित कर रही है।
प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन
मधुमक्खी पालन केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसमें मोम, रॉयल जेली और प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद भी प्राप्त होते हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने में मधुमक्खी पालन का योगदान महत्वपूर्ण है। मधुमक्खियों द्वारा किये गए परागण से फल, सब्जी और अन्य फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। आम, अमरुद, सूरजमुखी, धनिया, सब्जी फसलें और जंगली फूल मधुमक्खियों के लिए उत्तम पुष्प स्त्रोत माने जाते हैं। वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन अपनाने हेतु किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और जागरूकता प्रदान की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में (Sweet Revolution) किसानों के व्यवसाय को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।





