सीजी भास्कर 1 जनवरी T20 World Cup 2026 : भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। कप्तानी की जिम्मेदारी मिचेल मार्श को सौंपी गई है, लेकिन टीम लिस्ट सामने आते ही क्रिकेट हलकों में चर्चा तेज हो गई। वजह बनी सेलेक्टर्स के कुछ ऐसे फैसले, जिन्होंने फैंस और एक्सपर्ट्स—दोनों को चौंका दिया।
जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा थी, वही बाहर
टीम से बाहर किए जाने वाला सबसे बड़ा नाम मिचेल ओवन का रहा। साल 2025 में उनकी बल्लेबाज़ी ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं। बिग बैश लीग में होबार्ट हरिकेन्स के लिए खेलते हुए उन्होंने सिडनी थंडर के खिलाफ 42 गेंदों में 108 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसमें 11 छक्के शामिल थे। इसके बाद PSL से सीधे IPL तक का सफर तय करने वाले ओवन को टी20 वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है।
आंकड़े बने ओवन की राह में रोड़ा
चर्चा में रहने के बावजूद मिचेल ओवन का प्रदर्शन चयन के पैमाने पर खरा नहीं उतर सका। बीते साल खेले गए करीब 50 टी20 मुकाबलों में उन्होंने 1000 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। टी20 इंटरनेशनल में 13 मैचों में सिर्फ 163 रन और भारत में खेले गए 3 टी20 मैचों में महज़ 14 रन—यही आंकड़े उनकी दावेदारी कमजोर कर गए।
12 टी20I से बाहर खिलाड़ी की अचानक वापसी
जहां मिचेल ओवन टीम से बाहर हुए, वहीं कूपर कोनोली की वापसी ने सबको हैरान कर दिया। कोनोली पिछले 12 टी20 इंटरनेशनल से ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं थे, फिर भी सेलेक्टर्स ने उन्हें वर्ल्ड कप स्क्वाड में जगह दी। इस फैसले को भविष्य की तैयारी और कंडीशन-बेस्ड चयन के तौर पर देखा जा रहा है।
नए चेहरों को मिला बड़ा मंच
कूपर कोनोली के साथ-साथ मैथ्यू शॉर्ट, मैट कुन्हेमन और जेवियर बार्टलेट को भी पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिला है। इन खिलाड़ियों का चयन इस बात का संकेत है कि ऑस्ट्रेलिया इस बार सिर्फ अनुभव नहीं, बल्कि फ्रेश एनर्जी पर भी भरोसा जता रहा है।
स्पिन पर खास फोकस
भारत और श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने स्पिन डिपार्टमेंट को खास तवज्जो दी है। एडम जंपा टीम के मुख्य स्पिन हथियार होंगे, जबकि मैट कुन्हेमन उनका साथ निभाते दिखेंगे। यह रणनीति सबकॉन्टिनेंट की पिचों पर ऑस्ट्रेलिया को संतुलन दे सकती है।
अनुभव और आक्रामकता का मेल
टीम में पैट कमिंस, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस और जॉश हेजलवुड जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जो बड़े मैचों का दबाव झेलने में माहिर माने जाते हैं। वहीं ट्रेविस हेड और टिम डेविड जैसे बल्लेबाज़ ऑस्ट्रेलिया की आक्रामक पहचान को बरकरार रखेंगे।
पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम
मिचेल मार्श (कप्तान), ट्रेविस हेड, पैट कमिंस, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, जॉश हेजलवुड, नाथन एलिस, जेवियर बार्टलेट, मैथ्यू शॉर्ट, कूपर कोनोली, एडम जंपा, मैट कुन्हेमन, टिम डेविड, कैमरन ग्रीन और जॉश इंग्लिस।





