सीजी भास्कर 15 अप्रैल | जिले में सर्व शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की कार्यप्रणाली पर गंभीर अनियमितता, भ्रष्टाचार, पक्षपातपूर्ण रवैया एवं तानाशाही के आरोप लगाते हुए बीईओ कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।(Teachers stage protest against BEO)
शिक्षकों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर घेराव किया। उनकी मांग है कि संतान पालन अवकाश में अवैध वसूली, स्टेशनरी विद्यालयों को नहीं वितरित करना और अभिलेखों में वितरण दर्शाना, कार्यालय व्यय में गड़बड़ी एवं फर्जी बिल के माध्यम से आहरण करना, नियम विरुद्ध यात्रा भत्ता निकालना, पक्षपातपूर्ण अवकाश स्वीकृति करना, जांच समिति की निष्क्रियता एवं शालाओं के युक्तियुक्तकरण में व्यापक लापरवाही बरतना शामिल है।
वहीं एक पीड़ित शिक्षिका ने संतान पालन अवकाश के लिए बीईओ पर प्रत्येक माह 5 हजार रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। घेराव के बाद शिक्षक संघ ने बीईओ को तत्काल निलंबित करने की मांग को लेकर विधायक, डीईओ एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
उग्र आंदोलन करने की चेतावनी
जहां शिक्षक बीईओ का निलंबन नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं। वहीं बीईओ ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।(Allegations of bribery and irregularities)
शिक्षा के मंदिर में ही भ्रष्टाचार के आरोप- Teachers stage protest against BEO
इस पूरे मामले में डीईओ ने शिकायत प्राप्त होने पर बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही है।
गौरतलब है कि जब शिक्षा के मंदिर में ही इस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं, तो बच्चों को क्या सीख मिलेगी, यह सोचने वाली बात है।


