सीजी भास्कर, 10 जुलाई। 10 जुलाई को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय सर्राफा बाजार से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पीली धातु दबाव में नजर आई। MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव करीब 800 रुपये टूटकर 1,44,500 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं वैश्विक बाजार में भी स्पॉट गोल्ड और गोल्ड फ्यूचर में गिरावट देखने को मिली। (The shine of gold has faded)
कच्चे तेल में उछाल ने बढ़ाया दबाव : The shine of gold has faded
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा जाती है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ सोने की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से निवेशक सतर्क
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जून बैठक के मिनट्स से संकेत मिले हैं कि केंद्रीय बैंक फिलहाल ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में नहीं है। महंगाई पर काबू पाने के लिए फेड सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकता है। इससे डॉलर को मजबूती मिल रही है और सोने की मांग पर दबाव बन रहा है।
वैश्विक बाजार में भी गिरा सोना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 4,115.79 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर 0.4 फीसदी टूटकर 4,124.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसका असर भारतीय बाजार में भी साफ दिखाई दिया।
निवेशकों के लिए मौका या जोखिम? : The shine of gold has faded
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर बन सकती है। हालांकि, यदि कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आती है तथा फेडरल रिजर्व सख्त रुख बनाए रखता है, तो सोने में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
HSBC ने घटाया गोल्ड का अनुमान
वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एचएसबीसी ने भी सोने की भविष्य की कीमतों का अनुमान घटा दिया है। बैंक का मानना है कि मजबूत डॉलर और फेडरल रिजर्व की आक्रामक नीति के कारण आने वाले समय में सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका की आर्थिक नीतियों, कच्चे तेल की चाल और वैश्विक तनाव पर टिकी है। इन्हीं कारकों से तय होगा कि सोने की कीमतों में आगे राहत मिलेगी या गिरावट का दौर जारी रहेगा।



