सीजी भास्कर, 21 दिसंबर। साइबर सेल कोरबा, उरगा तथा रजगामार पुलिस की एक टीम ने करतला थाना क्षेत्र के भेलवाटार जंगल में छापा मार कर 20 जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से 2.5 लाख नकद पुलिस ने बरामद किया। एसपी ने करतला थाना प्रभारी को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (TI Suspended) कर दिया है।
साइबर सेल प्रभारी अजय सोनवानी की अगुवाई में गठित किए गए संयुक्त टीम ने शनिवार को भेलवाटार जंगल में छापामार कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही जुआरी (Gambling) भागने लगे, पर घेराबंदी कर 20 जुआरियों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने करतला थाना प्रभारी कृष्ण कुमार वर्मा को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
कृष्ण पर आरोप है कि एसपी ने अप्रैल 2025 में पत्र जारी कर सभी थाना व चौकी प्रभारियों को जुए (Gambling) के खिलाफ अभियान चला कर कार्रवाई करने कहा था। इसके परिपालन में कृष्ण न केवल लापरवाही बरती, बल्कि कार्यशैली भी संदिग्ध रही। इस वजह से प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी मानते हुए यह कार्रवाई की गई है।
अभी भी साइबर सेल काम कर रहा क्राइम स्कावड की तर्ज पर
इस कार्रवाई से एक बार फिर यह बात स्पष्ट हो गई है कि साइबर सेल जिले में अघोषित क्राइम स्कावड (Crime Squad) की तरह अभी भी काम कर रहा है। प्रारंभ से इस तरह के स्कावड को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस बार भी जुआ (Gambling) की छापेमारी कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
छापे से पहले यदि उरगा व रजगामार पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया, तो करतला थाना के कर्मियों को कार्रवाई से पहले सूचना क्यों नहीं दी गई। यदि सूचना लीक होने का डर था, तो यह और भी गंभीर बात है। विभाग के अपने ही अफसर एवं कर्मियों पर भरोसा नहीं तो फिर भला अपराधियों की धरपकड़ कैसे हो सकेगी। मसला चाहे जो भी हो, पर इस कार्रवाई के बाद कई तरह की चर्चा सरगर्म है।
कई जगह में सीधी कार्रवाई, पर वहां निलंबन नहीं
छापामार कार्रवाई के बाद साइबर सेल प्रभारी ने करतला थाना प्रभारी (TI Suspended) को इसकी सूचना दी और वे मोबाइल पर दिए गए लोकेशन के आधार पर मौके पर पहुंचे। साइबर सेल का कहना है कि पुलिस को देखते ही जुआ खिलाने वाला हरि साहू भाग खड़ा हुआ।
एक जुआरी (Gambling) की गाड़ी मौके से जब्त करने की जगह पांच किलोमीटर दूर ग्राम नोनबिर्रा से जब्त की गई। करतला पुलिस ने इस पर आपत्ति जताई, इस वजह से कार्रवाई करने वाली पुलिस की टीम के साथ तू-तू-मै-मै की स्थिति निर्मित हो गई।
बताया गया है कि इससे पहले साइबर सेल ने पाली, बांकीमोंगरा थाना व मोरगा पुलिस चौकी क्षेत्र में भी जुआ (Gambling) पकड़ने की कार्रवाई की थी, पर निलंबन व अनुशासनात्मक कार्रवाई तब नहीं की गई।
इस बार की कार्रवाई ने जिले में जुए (Gambling) के खिलाफ पुलिस की कार्यप्रणाली, लापरवाही और विभागीय सवालों को उजागर किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराध नियंत्रण (Crime Control) के प्रयास मजबूत होंगे, लेकिन विभाग के अंदर पारदर्शिता और टीम वर्क को सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।


