सीजी भास्कर, 26 अगस्त। एक शिक्षिका ने अपनी मासूम बेटी के साथ खुद को आग के हवाले कर दिया। घटना में दोनों की मौत हो गई।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें संजू बिश्नोई ने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की मर्डर केस के बाद अब राजस्थान के जोधपुर से भी दहेज प्रताड़ना का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।
स्कूल से लौटकर लगाई आग
जानकारी के मुताबिक, जोधपुर के डांगियावास थाना क्षेत्र के सरनाडा गांव में रहने वाली शिक्षिका संजू बिश्नोई (उम्र 30 साल) शुक्रवार दोपहर स्कूल से घर लौटी।
घर पहुंचते ही उसने अपनी 5 साल की बेटी यशस्वी को साथ लिया और कमरे में कुर्सी पर बैठकर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। कुछ ही पलों में मां-बेटी लपटों में घिर गईं। घटना के समय पति और ससुराल वाले घर पर मौजूद नहीं थे।
बेटी की मौके पर मौत, मां ने अस्पताल में तोड़ा दम
आग की लपटों में घिरी छोटी बच्ची यशस्वी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से झुलसी संजू को ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मां-बेटी के शवों का पोस्टमार्टम कराकर पीहर पक्ष को सौंप दिया गया। गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
सुसाइड नोट से खुला राज
पुलिस को घटनास्थल से मिला सुसाइड नोट मामले की असल वजह बयां करता है। संजू ने पत्र में साफ लिखा कि पति दिलीप बिश्नोई, सास, ससुर और ननद लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।
इतना ही नहीं, एक व्यक्ति गणपत सिंह का नाम भी सामने आया है, जिस पर महिला ने शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस अब उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
मायकेवालों ने दर्ज कराया केस
संजू के मायकेवालों ने पति दिलीप बिश्नोई समेत ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया है। एफएसएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं।
पुलिस ने पति और परिवारजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
समाज में उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने इलाके में दहशत और गम का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी निर्दोष जिंदगियां लील रही है। मां-बेटी की मौत से परिवार समेत पूरा गांव सदमे में है।