सीजी भास्कर, 08 जून। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तेजी से बदलते घटनाक्रमों ने नई चर्चाओं को जन्म (TMC Rebellion) दे दिया है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी असंतोष अब खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। दिल्ली में हुई एक अहम बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। खासकर ऐसे समय में जब विपक्षी दलों की गतिविधियां भी तेज हैं, यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कई नेताओं के रुख और हालिया बैठकों ने सियासी समीकरणों को लेकर चर्चा और तेज कर दी है।
वरिष्ठ भाजपा नेता से मिले बागी सांसद : TMC Rebellion
दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कई बागी सांसदों के शामिल होने की चर्चा है। बैठक में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी भी बताई जा रही है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ सांसद भविष्य में बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
कई सांसदों के नाम चर्चा में
बैठक में शामिल नेताओं में कई चर्चित सांसदों के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई सांसद इस बैठक का हिस्सा बने। हालांकि राजनीतिक भविष्य को लेकर किसी भी नेता की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
इस्तीफे के बाद बढ़ी हलचल
राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज (TMC Rebellion) हो गई हैं। उन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ने का फैसला लिया, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई। उनके इस कदम को तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
अपने इस्तीफे के बाद सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी की कार्यप्रणाली और राज्य की स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से व्यक्त की। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है तथा विपक्षी दलों को नए मुद्दे मिल गए हैं।
भाजपा में शामिल होने की अटकलें
बैठक के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कुछ बागी सांसद भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि ऐसा होता है तो इसका असर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में मौजूद हैं बड़े नेता
दिलचस्प बात यह है कि जिस समय यह बैठक हुई, उसी दौरान तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी भी दिल्ली में मौजूद (TMC Rebellion) थे। ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



