सीजी भास्कर, 24 मार्च। महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित फर्जी बाबा प्रकरण ने अब नया मोड़ (Trust Fund Investigation) ले लिया है। Ashok Kharat से जुड़े ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति को लेकर सामने आई ऑडिट रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। कुछ ही वर्षों में घाटे में चल रहा संस्थान अचानक करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया, जिससे जांच एजेंसियों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घाटे से उछाल तक का सफर
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के बीच संस्थान की आय बेहद सीमित रही। इस दौरान कुल आमदनी करीब 4.90 लाख रुपये के आसपास दर्ज की गई, वहीं खर्च ज्यादा होने के कारण 1.60 लाख से अधिक का घाटा भी सामने आया। लेकिन इसके बाद हालात तेजी से बदले और संस्थान की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह पलट गई।
2024 बना टर्निंग पॉइंट
रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्ष 2024 संस्थान के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित (Trust Fund Investigation) हुआ। इस दौरान ट्रस्ट को करीब 76.91 लाख रुपये की भारी दानराशि प्राप्त हुई। खर्च निकालने के बाद भी लगभग 70 लाख रुपये से अधिक की राशि शेष बची, जिससे संस्थान की वित्तीय स्थिति अचानक मजबूत हो गई।
संपत्ति में चौंकाने वाली बढ़ोतरी
संपत्ति के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2022 में संस्थान की कुल संपत्ति लगभग 96 लाख रुपये थी, जो 2025 तक बढ़कर करीब 1.81 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसके अलावा बैंक में 23 लाख से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट भी दर्ज की गई है। इतनी तेजी से हुई बढ़ोतरी ने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी दानराशि आखिर कहां से आई और किन स्रोतों से ट्रस्ट तक पहुंची। जांच एजेंसियां इस पूरे फंड फ्लो की गहन पड़ताल कर रही हैं और दान देने वालों की पहचान भी खंगाली जा रही है।
पुलिस रिमांड खत्म, कोर्ट में पेशी आज
मामले में आरोपी Ashok Kharat की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है। विशेष जांच टीम (SIT) उसे नासिक जिला अदालत में पेश करेगी और आगे की रिमांड की मांग भी की जा सकती है। जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सरकार की नजर, कार्रवाई के संकेत
मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार भी सख्त रुख में है। अधिकारियों का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ (Trust Fund Investigation) रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बढ़ता दायरा, गहराता शक
फर्जी बाबा प्रकरण सामने आने के बाद पूरे राज्य में हलचल मच गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह नेटवर्क कैसे चलता रहा और किसी को भनक तक क्यों नहीं लगी।


