सीजी भास्कर, 26 अगस्त। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 25 अगस्त को हुई अहम बैठक में बड़ा फैसला लिया है। बैठक में मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आलोक अराधे और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति की सिफारिश की गई है।
साथ ही हाईकोर्ट के 14 न्यायाधीशों का ट्रांसफ़र भी किया गया है।
जस्टिस विपुल पंचोली : अहमदाबाद से पटना हाईकोर्ट तक की यात्रा
जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली का जन्म 28 मई 1968 को अहमदाबाद में हुआ। उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद से इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नातक और इसके बाद गुजरात यूनिवर्सिटी के सर एल. ए. शाह लॉ कॉलेज से एलएलएम की डिग्री हासिल की।
सितंबर 1991 में वकालत की शुरुआत करने के बाद वे गुजरात हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते रहे। इस दौरान वे सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक भी रहे और करीब 7 साल तक इस पद पर कार्य किया।
24 जुलाई 2023 को उन्हें पटना हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया गया। इसके बाद 21 जुलाई 2025 को वे पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। अब कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनका कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगा।

जस्टिस आलोक अराधे : रायपुर से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
जस्टिस आलोक अराधे का जन्म 13 अप्रैल 1964 को रायपुर में हुआ। उन्होंने 1988 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में सिविल, संवैधानिक और कंपनी मामलों में प्रैक्टिस शुरू की।

2007 में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला। इसके बाद दिसंबर 2009 में उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश, और फरवरी 2011 में स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।
वे 2016 में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में स्थानांतरित हुए और 2018 में वहां कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट और फिर तेलंगाना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।
जनवरी 2025 में वे मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और अब सुप्रीम कोर्ट का हिस्सा होंगे।
