सीजी भास्कर, 07 मार्च। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल (US AI warfare) किया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने शुरुआती 24 घंटों में 1000 से अधिक टारगेट्स पर हमले किए। बताया जा रहा है कि पहले 12 घंटों के भीतर ही लगभग 900 मिसाइलें ईरान के अलग-अलग सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर दागी गईं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के परिसर को भी निशाना बनाया गया। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
AI सिस्टम ने तय किए टारगेट
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी कंपनी Palantir Technologies के बनाए Maven Smart System ने अहम भूमिका निभाई। यह एक उन्नत डेटा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म है, जो सैटेलाइट, निगरानी सिस्टम और खुफिया स्रोतों से मिलने वाली बड़ी मात्रा में जानकारी का विश्लेषण करता है।
यह सिस्टम रीयल-टाइम में डेटा प्रोसेस कर सैन्य कमांडरों को संभावित टारगेट्स की सूची (US AI warfare) देता है और उन्हें रणनीतिक महत्व के आधार पर प्राथमिकता भी तय करता है। इसी वजह से अमेरिकी सेना बहुत कम समय में बड़े पैमाने पर हमले कर सकी।
Claude AI मॉडल का भी इस्तेमाल
Maven प्लेटफॉर्म में Anthropic का जेनरेटिव AI मॉडल Claude भी इस्तेमाल किया गया। यह मॉडल खुफिया जानकारी का विश्लेषण कर संभावित लक्ष्यों की पहचान करता है और उनके रणनीतिक महत्व के अनुसार रैंकिंग करता है।
हमले शुरू होने के बाद यह सिस्टम उनके प्रभाव का आकलन भी करता है, जिससे सैन्य कमांडर जरूरत पड़ने पर तुरंत रणनीति बदल सकते हैं।
अमेरिकी सेना में तेजी से बढ़ रहा AI का उपयोग
रिपोर्ट के अनुसार Maven Smart System अब अमेरिकी सेना का एक महत्वपूर्ण टूल (US AI warfare) बन चुका है। मई 2025 तक 20 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैन्य कर्मी इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में युद्ध और सैन्य अभियानों में AI की भूमिका और भी बढ़ेगी। अमेरिका पहले से ही अपने रक्षा तंत्र में आधुनिक तकनीकों को शामिल कर रहा है, जिससे युद्ध की रणनीति और संचालन दोनों तेजी से बदल रहे हैं।





