सीजी भास्कर, 05 दिसंबर। पिछले कुछ मैचों में विराट कोहली (Virat Kohli History) ने जो फॉर्म दिखाई है, उससे यह मानना मुश्किल नहीं कि उन्होंने अब पुराने “शतक-काल” में फिर कदम रख दिया है। हालिया सीरीज में उन्होंने दो नए शतक लगाकर ऐसे आँकड़े खड़े किए हैं — और अब तीसरे मैच में अगर फिर शतक ठोक देते हैं, तो 2018 जैसा कमाल दोहराने का मौका उनके हाथ में होगा।
2018: पहली हैट्रिक — इतिहास रचा था कोहली ने
2018 में, वेस्टइंडीज़ के खिलाफ एक सीरीज में कोहली (Virat Kohli History) ने लगातार तीन वनडे शतक जड़े थे — 140, फिर नाबाद 157, और फिर 107।
नाबाद 157 रन की उनकी पारी वह पारी थी जिसे उन्होंने Visakhapatnam (विशाखापत्तनम) में खेला था।
वो शतक-हैट्रिक उन्हें वनडे इतिहास में पहला भारतीय के रूप में दिलाई थी।
2025: एक बार फिर मौका — फिर से हैट्रिक?
इस समय, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी सीरीज में, कोहली ने दो मैचों में दो शतक जमाए हैं।
अगर तीसरे (आखिरी) वनडे में उन्होंने फिर शतक बनाया, तो वह दूसरी बार होगी, जब उन्होंने तीन लगातार शतकों की हैट्रिक पूरी की हो — यानी, कोहली का इतिहास दोहराया जा सकेगा।
ख़ास बात: यह मैच फिर से उसी मैदान (Visakhapatnam) में हो सकता है — वो मैदान, जहाँ 2018 में उन्होंने 157* की सबसे बड़ी पारी खेली थी।
क्यों है ये मौका बहुत खास
वनडे में लगातार तीन शतक की हैट्रिक होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है — और अगर कोहली इसे दो बार कर लेते हैं, तो वह बल्लेबाज़ी इतिहास (Virat Kohli History) में अपनी एक अनोखी जगह पक्की कर लेंगे।
उस मैदान (विशाखापत्तनम) पर उनका पिछला प्रदर्शन हैत — 7 मैचों में 97.83 की औसत, 587 रन, 3 शतक और 2 अर्धशतक उनके नाम हैं।
उनकी इस फॉर्म से दिख रहा है कि यदि परिस्थितियाँ अनुकूल रहीं, तो दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाज़ी भी उनके सामने टिक नहीं पाएगी।





