सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) की ओर से ‘वोट चोरी’ (Vote Rigging Case) के आरोपों को लेकर चलाए गए अभियान में पार्टी के पास 10 लाख से अधिक आवेदन जमा हो चुके हैं। ये आवेदन रायपुर, अंबिकापुर, सरगुजा सहित राज्य के सभी जिलों से हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से एकत्र किए गए हैं। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार 31 अक्टूबर को अभियान समाप्त होने के बाद इन सभी आवेदनों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) को सौंपा जाएगा। एआइसीसी इन लाखों हस्ताक्षरित आवेदनों को केंद्रीय निर्वाचन आयोग और राष्ट्रपति को सौंपने की तैयारी में है, ताकि कथित वोट चोरी के मामले में हस्तक्षेप की मांग की जा सके।
यह अभियान (Vote Rigging Case) 15 सितंबर को एआइसीसी के निर्देश पर ही शुरू किया गया था। सचिन पायलट ने बिलासपुर से इसकी शुरुआत की थी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पीसीसी ने एक पत्र जारी कर सभी कमेटियों को हर गांव और ब्लाक में जाकर अभियान चलाने का आदेश दिया था। इसके साथ फार्म का एक प्रारूप भी दिया गया था, जिसे कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर भरवाने और हस्ताक्षर कराने के निर्देश थे।
रायपुर जिले सहित प्रदेश के सभी इलाकों से आवेदन आने का सिलसिला जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा ‘वोट चोरी’ के राजफाश (Vote Rigging Case) के बाद इस मामले को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
“वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान को राजधानी से लेकर हर ग्राम पंचायत तक पहुंचाया गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के हर वार्ड में यह जानकारी दी गई है कि किस तरह भाजपा और चुनाव आयोग ने वोटों की चोरी की है। विगत दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोट चोरी का राजफाश किया था। महाराष्ट्र की एक विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए पूरे तथ्य सामने रखे थे। एक ही विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटों के सबूत पेश किए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताया था।
Vote Rigging Case पीसीसी ने यह दिए थे निर्देश
घर-घर और सार्वजनिक जनसंपर्क अभियान चलाया जाए।
छोटे-बड़े नुक्कड़ सभा और बैठक का आयोजन किया जाए।
प्रत्येक ब्लाक के साप्ताहिक और बड़े बाजारों में पहुंचकर अधिक से अधिक लोगों से हस्ताक्षर कराएं।
प्रत्येक बूथ में कम से कम 100 से 200 कार्यकर्ता और लोगों का हस्ताक्षर कराएं।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार दिल्ली में (Vote Rigging Case) को लेकर एक प्रशिक्षण शिविर भी प्रस्तावित है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में नए जिला अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आठ और नौ नवंबर को होने की संभावना है। छह नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण है, इसलिए उससे पहले नये जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है।


