Voter List Monitoring – राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय
छत्तीसगढ़ में चल रहे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पार्टी ने प्रदेश कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है. यह यूनिट राज्यभर की गतिविधियों की निगरानी करेगी, जिलों से आने वाली रिपोर्ट की समीक्षा करेगी और ज़रूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई भी करेगी. पूरे ऑपरेशन का संयोजन सलाम रिजवी को सौंपा गया है, जो जिला, शहर और ब्लॉक इकाइयों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे.
सभी इकाइयों के साथ समन्वय का निर्देश, AICC स्तर तक संवाद
कंट्रोल रूम के लिए बनाए गए निर्देशों में साफ कहा गया है कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की सूचना को विलंबित नहीं किया जाएगा. सभी सदस्यों को आदेश दिया गया है कि वे विधायकों और संभावित प्रत्याशियों के साथ नियमित समन्वय रखें. साथ ही, SIR से जुड़े मामलों में AICC कमेटी के साथ भी लगातार संवाद ज़रूरी बताया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न बने.
Voter List Monitoring – मतदाता नाम हटाने की शिकायत पर तुरंत मॉनिटरिंग
पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि अगर किसी क्षेत्र से मतदाता का नाम हटाए जाने की शिकायत आती है, तो उसे प्राथमिकता से मॉनिटर किया जाएगा. इस दिशा में (Electoral Data Verification) के लिए बड़ी संख्या में मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं. ये मास्टर ट्रेनर 90 विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ और बूथ कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं, ताकि गलत तरीके से नाम हटाने की संभावनाएं खत्म की जा सकें.
बीएलओ को घर-घर जाकर लिखित पुष्टि लेने की सलाह
अभियान में शामिल जिम्मेदार इकाइयों से अपील की गई है कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करें और मतदाता से लिखित पुष्टि प्राप्त करें. यह कदम इसलिए सुझाया गया है ताकि “कागजी जांच” या “औपचारिक सर्वे” जैसी प्रक्रियाओं की गुंजाइश न बचे और सूची में शामिल हर नाम की वैधता पुख्ता हो सके.
Voter Rights Protection – डेटा सभी दलों को उपलब्ध कराने की मांग
पार्टी ने आयोग से यह भी आग्रह किया है कि मतदाता सूची का इलेक्ट्रॉनिक डेटा सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया जाए. इससे संशोधन से पहले सभी पक्षों को जानकारी मिल सकेगी और (Voter Rights Protection) के तहत प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी. पार्टी का कहना है कि किसी पात्र नागरिक का नाम बिना कारण सूची से हटाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर डालता है.
समयसीमा बढ़ाने की मांग, धान खरीदी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में व्यस्तता
राज्य में धान खरीदी का सीजन शुरू होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार व्यस्त हैं. इस स्थिति को देखते हुए पार्टी ने SIR अभियान की समयसीमा बढ़ाने की मांग की है. उनका कहना है कि मतदाता सूची सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जल्दबाज़ी पारदर्शिता पर असर डाल सकती है.
Voter List Monitoring – अभियान से बढ़ेगी पारदर्शिता, चुनावी प्रक्रिया में भरोसा मजबूत होने की उम्मीद
कंट्रोल रूम की स्थापना और प्रशिक्षण अभियान के साथ, पार्टी का लक्ष्य है कि मतदाता सूची से जुड़ी हर गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके. यह पहल आगामी चुनावों में मताधिकार की सुरक्षा, निष्पक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.




