सीजी भास्कर, 12 जून : छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति (Water Supply) व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) के बस्तर दौरे के दौरान ग्रामीणों ने नल-जल योजना (Nal Jal Yojana) से नियमित पानी नहीं मिलने की शिकायत की थी। इसके बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED Department) ने दंतेवाड़ा और कोंडागांव के कार्यपालन अभियंताओं (Executive Engineer) को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) ने कोंडागांव के बेड़मा और दंतेवाड़ा के टेकनार गांव में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रम (Jal Arpan Program) में हिस्सा लिया था। इस दौरान ग्रामीणों ने नल-जल योजना (Nal Jal Yojana) के बावजूद घरों तक नियमित पानी नहीं पहुंचने की शिकायत की। ग्रामीणों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई थी।
ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम की ओर से दोनों जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस जारी किया गया। विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि कोंडागांव के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत तैयार योजना का संचालन और संधारण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके कारण ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही है।
नल-जल योजना के क्रियान्वयन पर सवाल
दंतेवाड़ा के टेकनार गांव में भी जल अर्पण कार्यक्रम (Jal Arpan Program) के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि गांव के कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। विभाग का कहना है कि भीषण गर्मी में भी नल-जल योजना (Nal Jal Yojana) से तकनीकी मानकों के अनुरूप जलापूर्ति (Water Supply) नहीं होना गंभीर लापरवाही है। विभाग ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



