सीजी भास्कर, 13 मई। उत्तर प्रदेश में मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कई जिलों में सुबह का मंजर डराने वाला (Weather Disaster) नजर आया। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। गांवों से लेकर शहरों तक लोग रातभर दहशत में रहे। कहीं पेड़ गिर गए तो कहीं मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। सुबह होते ही लोग अपने घरों और खेतों का हाल देखने बाहर निकले।
मौसम की इस मार के बीच कई परिवारों में मातम पसरा हुआ है। अलग अलग जिलों से लगातार मौतों की खबरें आने लगीं तो प्रशासन में भी हलचल बढ़ गई। राहत टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया और अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों को लेकर जताई जा रही है जहां आकाशीय बिजली और तेज हवाओं ने भारी नुकसान किया।
कई जिलों में बढ़ा मौतों का आंकड़ा : Weather Disaster
प्रयागराज, भदोही, कानपुर देहात और फतेहपुर समेत कई जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक करीब 70 लोगों की जान जाने की बात सामने आई है।
कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं जबकि खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जगह जगह पेड़ गिरने से रास्ते बंद होने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें भी आई हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
हालात गंभीर होते देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज करने का आदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि प्रभावित लोगों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे खुद प्रभावित इलाकों में जाएं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हर जरूरी मदद उपलब्ध कराएं।
चौबीस घंटे में सहायता पहुंचाने पर जोर (Weather Disaster)
सरकार की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनहानि, पशुहानि और संपत्ति नुकसान का तुरंत आकलन किया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को तय मुआवजा चौबीस घंटे के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि कई इलाकों में मकान, पेड़ और खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।
राहत और बचाव अभियान तेज
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राहत आयुक्त कार्यालय लगातार जिलों की स्थिति पर नजर (Weather Disaster) बनाए हुए है। वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर बचाव कार्य की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
प्रशासनिक अमले को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सरकार का दावा है कि राहत और पुनर्वास का काम तेजी से चलाया जा रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम को देखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और खराब मौसम के दौरान बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह भी दी है। प्रदेश के कई जिलों में हालात सामान्य करने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके।



