सीजी भास्कर 2 सितम्बर
मुंबई
मुंबई उपनगर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्पाइसजेट एयरलाइन पर ₹55,000 का जुर्माना लगाया है। कारण यह रहा कि दुबई से मुंबई आने वाली फ्लाइट की 14 घंटे की देरी के दौरान यात्रियों को केवल एक बर्गर और फ्रेंच फ्राइज दिए गए, जो आयोग के मुताबिक बिल्कुल अपर्याप्त था।
आयोग की कड़ी टिप्पणी
आयोग के अध्यक्ष प्रदीप कडू और सदस्य गौरी एम. कापसे ने अपने आदेश में कहा:
- फ्लाइट की देरी तकनीकी खराबी के कारण थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि एयरलाइन यात्रियों की जिम्मेदारी से बच सकती है।
- लंबी देरी की स्थिति में यात्रियों को पर्याप्त भोजन, पानी और आराम की सुविधा मिलनी चाहिए।
- केवल एक बार बर्गर और फ्राइज उपलब्ध कराना डीजीसीए के दिशानिर्देशों (CAR) का उल्लंघन है।
शिकायतकर्ता का पक्ष
शिकायतकर्ता ने 27 जुलाई 2024 को दुबई से मुंबई की यात्रा के लिए टिकट बुक किया था। लेकिन फ्लाइट घंटों तक टलती रही।
उनका आरोप था कि:
- एयरलाइन ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किया।
- केवल एक बार हल्का भोजन दिया गया।
- DGCA के नियमों के मुताबिक देरी की अवधि बढ़ने पर होटल ठहराव तक की सुविधा देनी चाहिए थी।
स्पाइसजेट का तर्क
स्पाइसजेट ने कहा कि:
- देरी तकनीकी और परिचालन कारणों से हुई थी।
- CAR के प्रावधान ऐसी असाधारण परिस्थितियों में राहत देते हैं।
हालांकि, आयोग ने माना कि एयरलाइन अपने बचाव को सही तरीके से साबित करने में नाकाम रही।
आयोग का अंतिम फैसला
- स्पाइसजेट को शिकायतकर्ता को ₹55,000 का भुगतान करना होगा।
- हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा मांगा गया ₹4 लाख का मुआवजा खारिज कर दिया गया, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे।





