सीजी भास्कर, 02 जून : वन्यजीवों के अवैध शिकार (Wild Boar Hunting Case) पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर के शिकार के एक मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि एक किसान ने अपने खेत में बिजली का करंट प्रवाहित कर जंगली सूअर का शिकार किया। इसके बाद शिकार किए गए वन्यजीव का मांस गांव में पकाया जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
गुप्त सूचना के आधार पर गांव में दी गई दबिश
वन विभाग को सूचना मिली थी कि खैरागढ़ जिले के ग्राम खुड़मुड़ी में किसी वन्यजीव का अवैध शिकार (Wild Boar Hunting Case) किया गया है और उसका मांस गांव में पकाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने तलाशी वारंट प्राप्त किया और टीम के साथ गांव में पहुंचकर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान एक घर में मांस पकाए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में सामने आया पूरा मामला
वन विभाग की जांच के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि पकाया जा रहा मांस जंगली सूअर का था। आगे की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गांव निवासी पेखन वर्मा ने अपने निजी खेत में बिजली का करंट बिछाकर जंगली सूअर का शिकार किया था। शिकार के बाद उसका मांस गांव में लाकर अन्य लोगों के साथ पकाया जा रहा था।
मांस सहित कई उपकरण जब्त
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने जंगली सूअर का मांस बरामद किया। इसके अलावा एक बसूला, दो कुल्हाड़ियां, एक हंसिया और तीन कड़ाहियां भी जब्त की गईं। विभाग ने सभी जब्त सामग्री को मामले के साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त वस्तुओं की जांच की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।
चार आरोपी गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
मामले में पेखन वर्मा, बुजलाल कंवर, सेवनदास और मेन कुमार को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 (Wildlife Protection Act 1972) के विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में उपजेल सलोनी भेज दिया गया।
वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि वन्यजीवों के शिकार (Wild Boar Hunting Case) और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। खेतों में करंट बिछाकर वन्यजीवों का शिकार करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे मानव जीवन को भी गंभीर खतरा पैदा होता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।




