सीजी भास्कर, 31 जनवरी | Woman Self Immolation Case Durg : दुर्ग जिले में 22 जनवरी को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब कोर्ट के आदेश पर मकान खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी महिला की सात दिनों तक चले इलाज के बाद शुक्रवार को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में मौत हो गई।
सिटी कोतवाली क्षेत्र का मामला
यह घटना दुर्ग के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। मृतका की पहचान शबाना निशा उर्फ रानी (37) के रूप में हुई है, जो पचरीपारा इलाके में किराए के मकान में रह रही थी। घटना के समय पुलिस और कोर्ट स्टाफ न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मौके पर मौजूद थे।
मकान विवाद से जुड़ा था मामला
परिजनों के अनुसार, शबाना निशा जिस मकान में बचपन से रह रही थी, उसे खरीदना चाहती थी। उन्होंने कई बार मकान मालिक से संपत्ति बेचने का आग्रह किया, लेकिन मालिक इसके लिए सहमत नहीं हुआ। विवाद बढ़ने पर मामला डिस्ट्रिक्ट कोर्ट तक पहुंचा।
कोर्ट से कब्जा दिलाने का आदेश
न्यायालय में चली सुनवाई के बाद मकान मालिक के पक्ष में निर्णय आया और कब्जा दिलाने के आदेश जारी हुए। इसी आदेश के तहत 22 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस और कोर्ट स्टाफ मकान खाली कराने पहुंचे थे।
अचानक उठाया आत्मघाती कदम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान शबाना अचानक घर के भीतर गई और खुद को आग के हवाले कर दिया। आग लगते ही वह बाहर निकली, जिसे देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने चादर की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया।
95 प्रतिशत झुलसी, अस्पताल में भर्ती
घटना में शबाना लगभग 95 प्रतिशत तक झुलस गई थी। पहले उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया गया। वहां सात दिनों तक इलाज चला, लेकिन शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी रही चर्चा में
शबाना निशा कांग्रेस से जुड़ी सक्रिय कार्यकर्ता थीं। उन्होंने पिछले दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा से कांग्रेस टिकट पर पार्षद पद का चुनाव भी लड़ा था। घटना के बाद यह पहलू भी चर्चा में रहा।
पुलिस का बयान और जांच
सिटी कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार, कोर्ट के आदेश के पालन के दौरान यह घटना हुई। महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।




