सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने हाल ही में सिर्फ 500 पाकिस्तानी रुपये की फीस में जिहाद का प्रशिक्षण देने के नाम पर महिलाओं को आतंकी बनाने के लिए ‘जमात-उल-मोमिनात’ नाम से पहली महिला ब्रिगेड (Women Jihad Recruitment) के गठन की घोषणा की थी। लेकिन, इस बाबत कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलते देख जैश प्रमुख ने अब एक नई चाल चली है। उसने ‘मरने के बाद जन्नत मिलेगी’ के आह्वान से महिलाओं को लुभाने की तरकीब अपनाई है।
हाल ही में बहावलपुर के मरकज उस्मान-ओ-अली में मसूद अजहर के भाषण का 21 मिनट का एक विशेष आडियो सामने आया है। इसमें वह इस नई ब्रिगेड के तहत महिलाओं के प्रशिक्षण और उनकी तैनाती की विस्तृत रूपरेखा के बारे में बता रहा है। इस आडियो में उसने अपने दीर्घकालिक “वैश्विक जिहाद” वाले दृष्टिकोण के तहत महिलाओं की भर्ती, प्रशिक्षण (Women Jihad Recruitment) और उनके इस्तेमाल का तरीका बताया है। उसने तुलनात्मक ढंग से बताया कि नई महिला ब्रिगेड के प्रशिक्षण कार्यक्रम और जैश-ए-मोहम्मद में पुरुषों के लिए लंबे समय से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम एक ही समान हैं।
मसूद अजहर ने बताया कि जिस तरह जैश में भर्ती होने वाले पुरुष 15-दिवसीय “दौरा-ए-तरबियात” (Women Jihad Recruitment) पाठ्यक्रम संबंधी प्रशिक्षण से गुजरते हैं, उसी तरह जमात-उल-मोमिनात में शामिल होने वाली महिलाओं को बहावलपुर स्थित मरकज उस्मान-ओ-अली में “दौरा-ए-तस्किया” नामक एक नया प्रशिक्षण पाठ्यक्रम दिया जाएगा। गौरतलब है कि दो दशकों से जैश-ए-मोहम्मद का “दौरा-ए-तरबियात” नए भर्ती हुए लोगों का ब्रेनवाश करने और उन्हें यह विश्वास दिलाने का पहला चरण रहा है कि भारत के खिलाफ जिहाद से जन्नत मिलती है। अब, मसूद अजहर का कहना है कि यही वैचारिक प्रक्रिया महिलाओं पर भी लागू की जाएगी।
अपने भाषण में खूंखार आतंकी ने वादा किया कि जमात-उल-मोमिनात (Women Jihad Recruitment) में शामिल होने वाली कोई भी महिला “मृत्यु के बाद अपनी कब्र से सीधे जन्नत जाएगी।” वह आगे कहता है कि पहला कोर्स पूरा करने वाली महिलाएं “दौरा-आयत-उल-निशा” नामक दूसरे चरण में जाएंगी, जहां उन्हें सिखाया जाएगा कि कैसे इस्लामी ग्रंथ “महिलाओं को जिहाद करने का निर्देश देते हैं।”
आडियो में वह महिला ब्रिगेड के गठन को यह कहकर उचित ठहराता है कि “जैश के दुश्मनों ने हिंदू महिलाओं को सेना में भर्ती किया है और महिला पत्रकारों को हमारे खिलाफ खड़ा किया है।” उसने कहा कि वह भी “अपनी महिलाओं को उनके खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने और लड़ने के लिए संगठित कर रहा है।”
मसूद अजहर ने यह भी दावा किया कि जैश-ए-मोहम्मद के पुरुष मुजाहिद इस नई महिला ब्रिगेड के साथ खड़े होंगे और यह महिला ब्रिगेड “दुनिया भर में इस्लाम का प्रसार करेगी।” उसने घोषणा की कि पाकिस्तान के हर जिले में जमात-उल-मोमिनात की शाखाएं स्थापित की जाएंगी, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक जिला मुंतजिमा करेगा जो संगठन में महिलाओं की भर्ती के लिए जिम्मेदार होगा।


