सीजी भास्कर, 29 अगस्त : नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन (Women Safety) रिपोर्ट में सामने आया है कि मुंबई, कोहिमा, विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक और ईटानगर देश में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहरों के रूप में उभरे हैं, जबकि पटना, जयपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, श्रीनगर और रांची को सबसे कम सुरक्षित माना गया है। सर्वे में देश के 31 प्रमुख शहरों में 2,770 वयस्क महिलाओं की राय ली गई। रिपोर्ट के अनुसार 10 में से छह महिलाओं ने अपने शहर में खुद को सुरक्षित महसूस किया जबकि लगभग 40 प्रतिशत ने खुद को असुरक्षित माना।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने गुरुवार को इस रिपोर्ट का विमोचन किया। महिला सुरक्षा के मानकों में संपूर्ण सुरक्षा, पड़ोस, परिवहन, शिक्षा, कार्यस्थल, स्वास्थ्य, मनोरंजन और ऑनलाइन उत्पीड़न शामिल हैं। रिपोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न की घटनाओं पर भी प्रकाश डाला। 2024 में 7 प्रतिशत महिलाओं ने उत्पीड़न का सामना किया, जिसमें 18 से 24 वर्ष की उम्र वाली महिलाओं में जोखिम अधिक था।
अध्ययन में रात के समय सुरक्षा की धारणा में तेज गिरावट देखी गई। शैक्षणिक संस्थान (86 प्रतिशत सुरक्षित) विशेष रूप से दिन के समय सुरक्षित माने गए, लेकिन रात में या परिसर के बाहर सुरक्षा की भावना में गिरावट महसूस की गई। पड़ोस (38 प्रतिशत) और सार्वजनिक परिवहन (29 प्रतिशत) को उत्पीड़न के हॉटस्पॉट के रूप में सबसे अधिक बार चिह्नित किया गया। रहाटकर ने कहा कि यह रिपोर्ट महिलाओं की सुरक्षा चिंताओं को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रिपोर्ट में मुख्य रूप से (Women Safety) को ध्यान में रखते हुए शहरों का विश्लेषण किया गया और यह समझा गया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल घर तक सीमित नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन और परिवहन तक फैली हुई है।