भिलाई नगर, 23 अप्रैल। दुर्ग जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए यातायात पुलिस इन दिनों एक्शन मोड में है। वर्ष 2026 के शुरुआती 3 माह 20 दिनों (लगभग 110 दिन) के भीतर पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 4 हजार 586 चार पहिया वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्यवाही की है।

दुर्घटना रोकने के लिए ‘ब्लैक और ग्रे स्पॉट’ पर सघन चेकिंग
यातायात पुलिस द्वारा यह अभियान विशेष रूप से उन क्षेत्रों में चलाया जा रहा है जिन्हें ‘ब्लैक स्पॉट’ या ‘ग्रे स्पॉट’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) के रूप में चिन्हित किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की टीमें तैनात रहकर तेज रफ्तार और खतरनाक ड्राइविंग करने वालों पर पैनी नजर रख रही हैं।

इन नियमों के उल्लंघन पर हुई बड़ी कार्यवाही
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा कार्यवाही बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने वालों पर हुई है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने वालों पर हुई है, जिनके कुल 2,489 प्रकरण दर्ज किए गए। सीट बेल्ट के अलावा, पुलिस ने अन्य गंभीर यातायात उल्लंघनों पर भी शिकंजा कसा है। इसमें तेज रफ्तार के 715 मामले, नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने के 561 मामले और लापरवाहीपूर्वक या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के 528 मामले सामने आए हैं। साथ ही, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले 248 शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों और कांच पर प्रतिबंधित ब्लैक फिल्म लगाने वाले 45 वाहन स्वामियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।

आईटीएमएस कैमरों से होगी ई-चालान की बौछार
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में तकनीक का सहारा लेकर लापरवाही बरतने वालों पर और भी सख्ती बरती जाएगी। नेहरू नगर से खुर्सीपार, भिलाई-3 और कुम्हारी जैसे नेशनल हाईवे वाले क्षेत्रों में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और मोबाइल कैमरों के जरिए ई-चालान की कार्यवाही को और तेज किया जाएगा।
हेलमेट चेकिंग के लिए 7 प्रमुख चौक चिन्हित
चार पहिया वाहनों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी पुलिस मुस्तैद है। जिले के 7 प्रमुख चौराहों पर नियमित रूप से हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यातायात विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोका जा सके।


