बक्सर जिले के डुमरांव शहर में एक ऐसी चोरी की घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ शहर बल्कि पूरे जिले को हैरान कर दिया है. मामला 18 नंबर वार्ड का है, जहां 132 फीट ऊंचा मोबाइल टावर, 15 केवी का जनरेटर और लाखों रुपये के अन्य उपकरण रहस्यमय तरीके से गायब हो गए. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रिहायशी इलाके के बीच खड़ा विशाल मोबाइल टावर चोरी हो गया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, कई वर्षों से बंद पड़े जीटीएल कंपनी के मोबाइल टावर की मरम्मत के लिए कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी जब डुमरांव पहुंचे तो उनके होश उड़ गए. जिस स्थान पर 132 फीट ऊंचा टावर खड़ा था, वहां टावर पूरी तरह गायब मिला. इसके साथ ही 15 केवी का जनरेटर और अन्य उपकरण भी नहीं मिले.
जमीन मालिक ने घटना की जानकारी होने से किया इनकार
इसके बाद कंपनी के अधिकारी जमीन मालिक हरिनाथ यादव से मिले. बताया जाता है कि कंपनी और जमीन मालिक के बीच 12 वर्षों का इकरारनामा हुआ था, जिसकी अवधि वर्ष 2022 में समाप्त हो गई थी. इकरारनामा समाप्त होने के बाद कंपनी द्वारा जमीन का भुगतान भी नहीं किया गया. जमीन मालिक ने कंपनी को चार बार नोटिस भी भेजा था. हालांकि, जमीन मालिक ने टावर चोरी की घटना की जानकारी होने से इनकार किया.
इस पूरे मामले को लेकर मुख्यालय डीएसपी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि डुमरांव थाना में टावर चोरी का मामला दर्ज किया गया है. वादी बैजनाथ ओझा के अनुसार, जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा हरिनाथ यादव की जमीन पर मोबाइल टावर लगाया गया था, जिसे चोरी कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. प्रथम दृष्टया मामला किराया विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच अभी जारी है.
जमीन मालिक की भूमिका संदिग्ध
फिलहाल 132 फीट ऊंचे मोबाइल टावर और भारी-भरकम जनरेटर के गायब होने की घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों के मन में सवाल है कि आखिर इतना बड़ा ढांचा बिना किसी की नजर में आए कैसे हटाया जा सकता है. वहीं सूत्रों की मानें तो किराए के विवाद को लेकर जमीन मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है. अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस रहस्यमयी मामले की असली कहानी क्या है.




