सीजी भास्कर 20 अप्रैल
नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज यानी 20 अप्रैल को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। इस हाई-प्रोफाइल केस में महाठग सुकेश चंद्रशेखर के साथ जैकलीन को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जैकलीन की उस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसमें उन्होंने सरकारी गवाह बनने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने ED को समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 8 मई तय की है।
क्या है पूरा मामला?
200 करोड़ रुपये के इस मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना पॉलोज पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों ने हवाला के जरिए पैसे का लेन-देन किया और फर्जी कंपनियों के माध्यम से अवैध धन को छिपाने की कोशिश की। इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) भी लगाया गया है।
जैकलीन क्यों आईं निशाने पर?
जांच में सामने आया कि सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडिस को कई महंगे गिफ्ट्स दिए थे। इसी आधार पर ED ने उन्हें भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया और कई बार पूछताछ के लिए बुलाया।
अब जैकलीन ने खुद को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। अगर कोर्ट और ED उनकी अर्जी स्वीकार कर लेते हैं, तो उन्हें इस मामले में राहत मिल सकती है।
आगे क्या?
अब सबकी नजर 8 मई की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां तय होगा कि जैकलीन को सरकारी गवाह बनने की अनुमति मिलती है या नहीं। यह फैसला इस हाई-प्रोफाइल केस की दिशा बदल सकता है।


