सीजी भास्कर, 24 अप्रैल : शहरी क्षेत्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सात-आठ पागल कुत्तों (Dog Bite Case Takhatpur) ने अलग-अलग इलाकों में 25 लोगों को काट लिया। कुछ ही घंटों में हुई इस घटना से शहर में दहशत फैल गई। कुत्तों ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को निशाना बनाया और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए सुबह से भीड़ लगी रही ।
चंडी चौक, कुरानकापा, पुराना थाना देवांगनपारा, टिकरीपारा भथरी, पदमपुर और मुक्तिधाम रोड सहित कई इलाकों में कुत्तों (Dog Bite Case Takhatpur) का आतंक बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुत्ते बिना उकसावे के लोगों पर हमला कर रहे थे और एक बार काटने के बाद बार-बार झपट रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार कई घाव गहरे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि पागल कुत्तों को जल्द नहीं पकड़ा गया तो और लोगों के शिकार बनने की आशंका है ।
ये हुए डॉग बाइट के शिकार
सुरेंद्र देवांगन (52), मान सिंह (35), जगदीश सिंह सिंगरौल (35), मिथलेश कुमार पटेल (43), भात पटेल (8), भावेश ठाकुर (8), साहिल मनहर (25), शिव वर्मन (12), सूर्य प्रकाश दिवाकर (35), दसरू साहू (47), अंशु बघेल (13), बल्लू साहू (36), धनिश केंवट (16), सरोज ध्रुव (45), ऋषभ (8) सहित अन्य शामिल हैं।
नगर पालिका पर उठे सवाल
घटना (Dog Bite Case Takhatpur) के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है ।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी
आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का प्रभावी पालन नहीं होने से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित अभियान नहीं चलाने से कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
नगर में पहले भी आवारा कुत्तों के हमले के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। बढ़ती घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। नागरिकों ने विशेष अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी व टीकाकरण तेज करने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।


