सीजी भास्कर 24 अप्रैल
दुर्ग जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र के बासिन गांव में एक अवैध गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस और खाद्य-औषधि प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में ‘मुसाफिर’ और ‘M4’ ब्रांड के जर्दा युक्त गुटखे का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जा रहा था।
13 मजदूर मिले, कई राज्यों से जुड़े तार
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में 13 मजदूर काम करते पाए गए, जो मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस इन मजदूरों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें यहां किसने लाया और इस अवैध यूनिट के संचालन में कौन-कौन शामिल है।
भारी मात्रा में सामान जब्त
मौके से तैयार गुटखा, सुगंधित जर्दा, पैकिंग सामग्री, मशीनरी और कच्चा माल बड़ी मात्रा में जब्त किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री अप्रैल की शुरुआत से संचालित हो रही थी और अवैध उत्पादन का एक बड़ा केंद्र बन चुकी थी।
लाइसेंस नंबर की जांच में जुटा विभाग
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी जितेंद्र नेने के अनुसार, ‘मुसाफिर’ ब्रांड के पैकेट पर कुम्हारी स्थित ‘रजत सेल्स’ से जुड़ा लाइसेंस नंबर अंकित मिला है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह उसी फर्म की इकाई है या फिर ब्रांड के नाम का दुरुपयोग कर नकली गुटखा तैयार किया जा रहा था।
फैक्ट्री मालिक फरार, जांच जारी
अधिकारियों के मुताबिक, यदि ‘रजत सेल्स’ के संचालक इस यूनिट को अपना बताते हैं, तो बिना लाइसेंस संचालन का मामला दर्ज किया जाएगा। वहीं सैंपल फेल होने पर अलग से कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल फैक्ट्री मालिक फरार है और उसके पकड़े जाने के बाद आगे की धाराएं तय की जाएंगी।
डुप्लीकेट ब्रांडिंग पर सख्ती के संकेत
प्रशासन का कहना है कि यदि यह मामला डुप्लीकेट ब्रांडिंग का निकलता है, तो धोखाधड़ी, फूड सेफ्टी एक्ट समेत अन्य आपराधिक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यदि कोई यूनिट पर दावा नहीं करता, तो मजदूरों के बयान, जब्त सामग्री और मकान मालिक की भूमिका के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा।


