सीजी भास्कर, 26 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर और घर खरीदने का सपना देख रहे आम लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले 0.60% सेस (उपकर) को आधिकारिक रूप से खत्म कर दिया है। इस ऐतिहासिक निर्णय (Property Registry Cess Relief) की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद मंगलवार, 28 अप्रैल से होने वाली सभी रजिस्ट्रियों में लोगों को इसका सीधा आर्थिक लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
अचल संपत्ति खरीदना हुआ सस्ता
रियल एस्टेट कारोबार में उछाल लाने और आम जनता पर वित्तीय बोझ कम करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने सेस बिल मार्च 2026 में विधानसभा में पारित किया था। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद अब इसे राजपत्र में प्रकाशित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस बदलाव (Property Registry Cess Relief) के बाद गणना की जाए तो एक करोड़ रुपये की रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति को अब 60 हजार रुपये कम देने होंगे। वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का विजन केवल राजस्व संकलन नहीं, बल्कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ के तहत आम लोगों के जीवन को सरल और सुगम बनाना है।
सॉफ्टवेयर अपडेट और नई दरें
अधिसूचना जारी होने के साथ ही पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया जाएगा, ताकि मंगलवार से आवेदकों को स्वतः ही घटी हुई दरों का लाभ मिल सके। यह छूट (Property Registry Crisis Relief) उन सभी संपत्तियों पर लागू होगी जिनकी रजिस्ट्री 28 अप्रैल या उसके बाद निष्पादित की जाएगी। शासन को उम्मीद है कि सेस खत्म होने से रुकी हुई रजिस्ट्रियों में तेजी आएगी और बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा।
महिलाओं के लिए डबल धमाका
सेस खत्म करने के साथ ही सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक और बड़ा कदम उठा रही है। महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क को 4 प्रतिशत से घटाकर मात्र 2 प्रतिशत करने का विधेयक भी मंजूर हो चुका है। हालांकि, इसकी अधिसूचना में भाषा सुधार के कारण करीब सात दिन का समय लग सकता है। अगले सप्ताह से महिलाओं के लिए पंजीयन प्रक्रिया (Property Registry Cess Relief) और सस्ती हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत पुरुषों के लिए स्टांप ड्यूटी 6.6% और महिलाओं के लिए 5.48% रहेगी, जबकि पंजीयन शुल्क पुरुषों के लिए 4% और महिलाओं के लिए महज 2% रह जाएगा।


