सीजी भास्कर, 29 अप्रैल : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों (MD/MS) के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब बंधपत्र (Bonded) विशेषज्ञ डॉक्टरों की पदस्थापना उनकी संबंधित विशेषज्ञता के आधार पर ही सुनिश्चित की जाएगी। इस फैसले (CG Specialist Doctors Posting Policy) से लंबे समय से चली आ रही छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन (CGDF) और JDA रायपुर की मांगें पूरी हो गई हैं।
कैजुअल्टी और मेडिको-लीगल कार्यों से मिलेगी मुक्ति
नए आदेश के लागू होने के बाद, अब विशेषज्ञ डॉक्टरों को अनावश्यक रूप से कैजुअल्टी (आपातकालीन सेवाओं) और मेडिको-लीगल कार्यों (MLC) में तैनात नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने यह स्वीकार किया है कि वर्तमान व्यवस्था में विशेषज्ञों की क्षमताओं का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा था। अब इन डॉक्टरों को उनके मूल विशेषज्ञ विभागों में कार्य करने का पूरा अवसर मिलेगा, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। (CG Specialist Doctors Posting Policy) के तहत यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाया गया है।
MBBS डॉक्टरों को मिलेगी कैजुअल्टी की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के अनुसार, अस्पतालों में आपातकालीन और कैजुअल्टी सेवाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी अब मुख्य रूप से MBBS डॉक्टरों की होगी। विशेषज्ञ डॉक्टर अपने-अपने विभागों में विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करेंगे और जरूरत पड़ने पर ‘ऑन-कॉल’ उपलब्ध रहेंगे। जहां पहले विशेषज्ञ डॉक्टर प्रशासनिक और सामान्य कार्यों में फंसे रहते थे, वही अब वे अपनी विशेषज्ञता का लाभ सीधे गंभीर मरीजों तक पहुंचा सकेंगे। यह बदलाव प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक नया माडल साबित होगा।
डॉक्टरों की बड़ी जीत, संगठनों ने जताया आभार
CGDF के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह और JDA छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने सरकार के इस निर्णय को डॉक्टर समुदाय की बड़ी जीत बताया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि विशेषज्ञ सेवाओं के सही उपयोग से न केवल डॉक्टरों के क्लिनिकल स्किल्स बेहतर होंगे, बल्कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सुलभ होगी। वहां कार्यरत डॉक्टरों में इस आदेश के बाद उत्साह का माहौल है और इसे (CG Specialist Doctors Posting Policy) स्वास्थ्य सुधारों की दिशा में एक मिल का पत्थर माना जा रहा है।


