सीजी भास्कर, 03 मई : छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा ऐप नेटवर्क (Babu Khemani Arrest) के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने मास्टरमाइंड बाबू खेमानी के गिरोह पर एक और प्रहार करते हुए उसके दो करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस ताजा कार्रवाई के साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों का आंकड़ा अब 29 तक पहुँच गया है।
महासमुंद से हुई गिरफ्तारी
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने एक सटीक ऑपरेशन (Babu Khemani Arrest) के तहत महासमुंद से दो मुख्य आरोपियों को दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप इसरानी उर्फ गोलू (40 वर्ष) और मनसून रजा (23 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ये दोनों आरोपी सट्टा नेटवर्क को संचालित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
ग्रामीणों के खातों का होता था दुरुपयोग
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि संदीप और मनसून रजा भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके मोबाइल नंबर और बैंक खाते हासिल करते थे। इन खातों और नंबरों को बाद में मुख्य सरगना बाबू खेमानी को उपलब्ध कराया जाता था। सट्टेबाजी से होने वाली करोड़ों रुपए की अवैध कमाई को ट्रांजैक्ट करने और कानून की नजरों से छिपाने के लिए इन्हीं बैंक खातों का उपयोग किया जाता था।
कमीशन का खेल और सिम कार्ड की जब्ती
ये आरोपी सट्टे (Babu Khemani Arrest) की रकम को अपने बैंक खातों में मंगवाते थे और फिर उसे आगे गिरोह के अन्य सदस्यों तक ट्रांसफर कर देते थे। इस पूरे अवैध लेनदेन के बदले उन्हें मोटा कमीशन मिलता था। पुलिस को संदीप इसरानी के नाम पर पंजीकृत कई संदिग्ध मोबाइल सिम कार्ड भी मिले हैं, जिनका उपयोग सट्टा ऐप के संचालन में किया जा रहा था।
अब तक की बड़ी कार्रवाई और जब्ती
ऑनलाइन सट्टेबाजी (Babu Khemani Arrest) के इस बड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस अब तक कुल 29 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। गौरतलब है कि इससे पहले 13 अप्रैल को मुख्य सरगना बाबू उर्फ गुलशन खेमानी सहित 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने लगभग 1.20 करोड़ रुपए मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्रियां जब्त की थीं।
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के पश्चात एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ने अब तक सट्टे के 14 विभिन्न मामलों में 71 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान कुल 2.98 करोड़ रुपए की संपत्ति और नकद जब्त की गई है, जो इस काले कारोबार की व्यापकता को दर्शाता है।
फरार सदस्यों की तलाश और कानूनी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, बाबू खेमानी अपने भाई करण के साथ मिलकर 50 से अधिक फर्जी आईडी के माध्यम से सट्टा ऐप चलाता था। फिलहाल पुलिस खेमानी के पिता और गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ गंज थाना में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।


