सीजी भास्कर, 04 मई : पश्चिम बंगाल (BJP Plan for West Bengal) में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब राज्य के विकास के लिए अपने ‘प्लान-बी’ पर काम शुरू करने जा रही है। पार्टी का लक्ष्य बंगाल को उसकी पुरानी औद्योगिक पहचान वापस दिलाना है। कभी देश का औद्योगिक केंद्र रहा यह राज्य पिछले कुछ दशकों में ठहराव और उद्योगों के पलायन से जूझता रहा है।
बीजेपी (BJP Plan for West Bengal) ने चुनाव से पहले ही अपने विजन डॉक्यूमेंट में औद्योगिक पुनरुद्धार को प्राथमिकता दी थी। अब सरकार बनने के बाद निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
क्या है बीजेपी का प्लान-बी
- बंद मिलों को फिर से शुरू करना
राज्य में वर्षों से बंद पड़ी जूट मिलों को दोबारा चालू करने की योजना है। इन्हें आधुनिक तकनीक और पूंजी से लैस कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। - MSME सेक्टर को बढ़ावा
लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ाने के लिए विशेष निगम बनाने की तैयारी है। युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता (अनुदान व ब्याज मुक्त ऋण) दी जा सकती है। - ‘ग्रेटर कोलकाता’ विजन
कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों को जोड़कर एक बड़ा औद्योगिक हब विकसित करने की योजना है। इसमें बंदरगाह, सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, ताकि निर्यात को बढ़ावा मिल सके।
- औद्योगिक पार्कों की स्थापना
सिंगूर जैसे इलाकों में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां बड़े उद्योगों के साथ MSME को भी जगह दी जाएगी।
- निवेश के लिए अनुकूल माहौल
पारदर्शी प्रशासन, सिंगल विंडो सिस्टम और स्थिर नीतियों के जरिए निवेशकों का भरोसा वापस लाने पर जोर होगा। साथ ही IT और सेमीकंडक्टर जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की योजना है।


