सीजी भास्कर, 04 मई : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (Indian National Congress) के ताजा रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस पीछे चल रही है। इन सबके बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का खाता खुलता नजर नहीं आ रहा है। यह स्थिति नई नहीं है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई थी।
हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों के चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार कमजोर रहा है। जिन पांच राज्यों में इस समय मतगणना जारी है, उनमें असम में भी कांग्रेस पिछड़ती दिख रही है और वहां परिणाम एकतरफा तौर पर बीजेपी के पक्ष में जाते नजर आ रहे हैं।
दक्षिण भारत की बात करें तो केवल केरल में कांग्रेस और उसके गठबंधन का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर दिख रहा है। इसके उलट पश्चिम बंगाल में इस बार भी पार्टी के लिए खाता खोलना मुश्किल लग रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह लगातार दूसरी बार होगा जब राज्य में कांग्रेस शून्य पर सिमट जाएगी।
दिल्ली में भी कांग्रेस का हाल इससे अलग नहीं रहा है। 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी और लगातार तीन बार शून्य पर रही।
इसके अलावा नागालैंड (2023) और आंध्र प्रदेश (2024) के विधानसभा चुनावों (Indian National Congress) में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुल पाया था। आंध्र प्रदेश में तो पार्टी ने 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी जीत हासिल नहीं कर सकी। कुल मिलाकर, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, नागालैंड और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस का शून्य प्रदर्शन उसके लगातार कमजोर होते जनाधार को दर्शाता है। वहीं बिहार, असम, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में भी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा है।


