सीजी भास्कर, 05 मई : नवा रायपुर स्थित मंत्रालय की साख पर बट्टा (Job Fraud Raipur) लगाते हुए जालसाजों ने एक ऐसा दुस्साहसिक खेल खेला, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। बेरोजगार युवाओं के सपनों का सौदा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने एक शासकीय शिक्षक और एक क्लर्क को सलाखों के पीछे भेज दिया है। मंत्रालय के फर्जी लेटर पैड और डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर किया गया यह नौकरी घोटाला अब तक की सबसे शातिर ठगी में से एक माना जा रहा है, जिसमें 34 बेगुनाह युवाओं को अपना शिकार बनाया गया।
व्हाट्सएप पर फैलाया ‘फर्जी नियुक्ति’ का जाल
ठगी का यह पूरा ताना-बाना सामान्य प्रशासन विभाग के नाम पर बुना गया था। आरोपियों ने 5 मार्च 2026 की तारीख में एक ऐसा फर्जी आदेश तैयार किया, जिसे देखकर किसी को भी शक न हो। इस आदेश में परिवहन, राजस्व, वन और शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भर्ती की अनुशंसा की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल नौकरी घोटाला (Job Fraud Raipur) को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का क्लोन बनाकर दुरुपयोग किया। जैसे ही यह आदेश व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल हुआ, बेरोजगारों की भीड़ इनके चंगुल में फंसती चली गई।
आलीशान जिंदगी और कर्ज उतारने के लिए रचा षडयंत्र
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड डोंगरगढ़ का एक सरकारी शिक्षक राजेश शर्मा उर्फ राजू है। आर्थिक तंगी और कर्ज के दलदल में फंसे इस शिक्षक ने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव के साथ मिलकर ठगी की यह मास्टर प्लानिंग की थी। इस नौकरी घोटाला (Job Fraud Raipur) के जरिए आरोपियों ने करीब 1.5 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की। जब राजपाल बघेल नामक शिकायतकर्ता ने राखी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, तब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डोंगरगढ़ में दबिश देकर इन ‘सफेदपोश’ शिकारियों को दबोचा।
कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त, जांच की आंच और दूर तक
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किया गया कंप्यूटर सेट और प्रिंटर बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि इन जालसाजों ने भिलाई की एक महिला से भी लाखों रुपए ऐंठे थे, जिसे शिकायत होने के डर से वापस कर दिया गया था। फिलहाल, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों को अंदेशा है कि इस रैकेट की जड़ें मंत्रालय के भीतर तक भी हो सकती हैं, जिसकी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद से ठगी के शिकार हुए अन्य युवाओं में भी अपनी राशि वापस पाने की उम्मीद जगी है।


