सीजी भास्कर, 06 जून। छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती घोटाले को लेकर एक बार फिर युवाओं के बीच गुस्सा और चर्चा तेज हो गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी इस मामले को मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा धोखा बता रहे हैं। हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
सीबीआई जांच में सामने आए खुलासों ने पूरे भर्ती सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े (CGPSC Scam) कर दिए हैं। आरोप है कि पैसे लेकर उम्मीदवारों को पहले से सवाल उपलब्ध कराए गए और रिजॉर्ट में बैठाकर परीक्षा की तैयारी तक करवाई गई। मामले में कई बड़े नाम पहले से जांच के घेरे में हैं।
उत्कर्ष चंद्राकर की अग्रिम जमानत खारिज
हाईकोर्ट ने सीजीपीएससी घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोप है कि उसने लाखों रुपए लेकर उम्मीदवारों को परीक्षा पास करवाने का खेल चलाया। सीबीआई जांच के मुताबिक उत्कर्ष ने 30 से 35 उम्मीदवारों को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।
25 लाख लेकर कराया पास (CGPSC Scam)
मामले की अहम गवाह सुषमा अग्रवाल ने अपने बयान में बताया कि उत्कर्ष ने उससे 25 लाख रुपए लिए थे। उसने यह भी बताया कि उम्मीदवारों को बस से बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया था, जहां लीक प्रश्नपत्रों से तैयारी करवाई गई। जांच में यह भी सामने आया है कि चयन कराने के बदले 50 से 60 लाख रुपए तक मांगे जाते थे।
होटल और रिजॉर्ट में चलती थी तैयारी
आरोप है कि उम्मीदवारों को रायपुर के अलग अलग होटल और रिजॉर्ट में ठहराया गया था। इनमें सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र और उनके जवाब उम्मीदवारों तक पहुंचा दिए जाते थे। मुख्य परीक्षा के दौरान भी मोबाइल के जरिए सवाल मंगवाने की बात सामने आई है।
मामला दर्ज होने के बाद से फरार (CGPSC Scam)
उत्कर्ष चंद्राकर पर मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पेपर लीक मेहनती युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है और यह गंभीर अपराध है। सीबीआई ने इस पूरे मामले में अपनी अंतिम चार्जशीट में 29 लोगों को आरोपी बनाया है।
जांच में सामने आए कई बड़े नाम
सीबीआई जांच के अनुसार तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड माना गया है। वह फिलहाल जेल में बंद है। जांच में यह भी सामने आया कि प्रश्नपत्र कोलकाता से रायपुर लाए गए और उनकी कॉपी कर दोबारा सील किया गया था।
171 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
सीजीपीएससी परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित (CGPSC Scam) की गई थी। फरवरी 2022 में प्रारंभिक परीक्षा और मई 2022 में मुख्य परीक्षा कराई गई थी। इसके बाद इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने पर मई 2023 में चयन सूची जारी की गई थी।


