सीजी भास्कर, 06 मई। रायपुर में बढ़ते नशे के कारोबार के बीच विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। धरसींवा इलाके में पकड़े गए तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोषी मानते हुए कठोर सजा दी है। फैसले के बाद नशे के मामलों को लेकर पुलिस और न्यायालय की सख्ती फिर चर्चा में आ गई है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि राज्य में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है और ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती। मामले में पुलिस कार्रवाई और बरामदगी को अहम सबूत माना गया।
14 किलो से ज्यादा गांजा बरामद
मामला धरसींवा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक 11 सितंबर 2022 को पुलिस सहायता केंद्र सिलतरा को सूचना मिली थी कि इंडेन ऑयल पेट्रोल पंप के पास तीन युवक गांजा लेकर ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा।
अलग अलग बैग में रखा था गांजा
तलाशी के दौरान राहुल उर्फ आशीष द्विवेदी के पास से 5 किलो 300 ग्राम, अमन शुक्ला के पास से 4 किलो 800 ग्राम और विनीत द्विवेदी के पास से 4 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद किया गया। कुल मिलाकर पुलिस ने करीब 14 किलो 500 ग्राम गांजा जब्त किया था।
सहमति के बाद हुई तलाशी
पुलिस ने आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत उनके अधिकारों की जानकारी दी। इसके बाद उनकी सहमति से मौके पर ही तलाशी ली गई। बरामद पदार्थ की पहचान करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन किया गया और पंचनामा तैयार कर सैंपल भी लिए गए।
कोर्ट ने सुनाई सजा
विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने तीनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने राहुल उर्फ आशीष द्विवेदी, अमन शुक्ला और विनीत द्विवेदी को 5 5 साल के कठोर कारावास और 50 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।


